खेरवाड़ा में झमाझम बारिश से फसलों को मिला जीवनदान, उमस से मिली राहत
खेरवाड़ा में बारिश से सूख रही मक्का की फसल को नया जीवन मिला है, हालांकि जलस्रोतों में जलस्तर कम रहने से पेयजल संकट की चिंता बनी हुई है।
तस्वीर में खेरवाड़ा के बाजार क्षेत्र में बारिश के दौरान दुकानें और वाहन दिख रहे हैं।
खेरवाड़ा। खेरवाड़ा कस्बे एवं आसपास के क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 4 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और काफी दिनों के इंतजार के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ। बारिश से पिछले दो दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरों पर भी खुशी नजर आई।
क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण मक्का सहित अन्य फसलों पर संकट मंडरा रहा था। मक्का की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई थी, जिससे किसान चिंतित थे। शनिवार को हुई बारिश से फसलों को नई उम्मीद जगी है। किसानों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश होती है तो मक्का की फसल को जीवनदान मिल सकता है और फसल तैयार होने की संभावना बढ़ जाएगी।
इस मानसून सीजन में क्षेत्र में औसत से भी कम, करीब 50 प्रतिशत के आसपास बारिश होने से बांध, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों में पानी का जलस्तर काफी कम है। आगामी गर्मी में पेयजल संकट की चिंता कस्बावासियों एवं ग्रामीणों को सता रही है। ऐसे में शनिवार की बारिश को क्षेत्र के लिए राहतकारी माना जा रहा है।
बारिश शुरू होने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 एवं 927 ए पर यातायात की रफ्तार भी धीमी हो गई। वाहन चालकों को बारिश के बीच सावधानी से आवागमन करना पड़ा।
किसानों एवं ग्रामीणों का कहना है कि मानसून की विदाई से पूर्व क्षेत्र में जितनी अधिक बारिश होगी, उतनी ही फसलों, जलस्रोतों एवं आगामी पेयजल व्यवस्था के लिए राहत मिलेगी। शनिवार की बारिश ने सूखने के कगार पर पहुंची मक्का की फसल के साथ क्षेत्र के जलस्रोतों को लेकर भी उम्मीद बढ़ाई है।