कानोड़ के ऋषभदेव मंदिर में पर्युषण पर्व पर विशेष पूजा और तपस्या का आयोजन
पांचवें दिन रजत अंगरचना और स्नात्र पूजा के साथ क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना की गई। स्थानकों में तपस्या का दौर जारी है।
मंदिर में आरती की थाली लिए पूजारी और दर्शन करते श्रद्धालुओं की भीड़।
कानोड़। पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के पांचवें दिन शनिवार को नगर के जैन समुदाय ने श्री ऋषभदेव जैन मंदिर, गांधी चौक में प्रतिदिन की तरह हर्षोल्लास और उत्साह के साथ पर्व मनाया। इस अवसर पर प्रभु भक्तों ने क्षेत्र में अच्छी बरसात की कामना को लेकर प्रभु प्रतिमा की भव्य रजत अंगरचना की। इसके बाद स्नात्र पूजा का आयोजन हुआ और मंगल दीप व आरती की गई।
नगर के तीनों जैन स्थानकों में विराजित साध्वियों के सानिध्य में सामायिक, प्रतिक्रमण, एकासना, उपवास, आयंबिल आदि की तपस्या निरंतर चल रही है। रात्रि में सवर के मध्य नवकार महामंत्र का जाप भी किया जा रहा है। नगर के जैन धर्मावलंबियों द्वारा एकासना, उपवास, बोला, तेला, चौला व पंचोला तप की आराधना की जा रही है। तपस्वियों की तपस्या के अनुमोदनार्थ गांधी चौक के पंचायती नोहरा में महिलाओं की चौबीसी गीत के आयोजन किए जा रहे हैं।
ऋषभदेव जैन मंदिर की व्यवस्थाओं को संभाल रहे व्यवस्था समिति के अध्यक्ष भरत जारोली ने बताया कि बुधवार से आयोजित स्नात्र पूजा में लाभार्थी जयंती लाल डूंगरवाल ने स्नात्री बनकर पूजा संपन्न की। इन्द्र मल महात्मा व उदय सिंह महेता ने पूजा पढ़ाते हुए सभी विधियां पूर्ण करवाईं। स्नात्र पूजा के दौरान गणेश लाल महात्मा, कारू लाल महात्मा, इन्द्र मल महात्मा व उदय सिंह महेता ने भजनों की सरिता बहाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
स्नात्र पूजा के दौरान अष्टकारी पूजा करते हुए जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य, फल और जल पूजा संपन्न की गई। प्रभु प्रतिमा की केसर से नव अंगों की पूजा की गई। सिद्ध चक्र, सम्यक, ज्ञान, दर्शन व चारित्र की केसर पूजा कर पुष्प अर्पित किए गए और क्षेत्र में अच्छी बरसात की कामना की गई। भगवान आदिनाथ, शांतिनाथ, नेमिनाथ, पार्श्वनाथ व वीर प्रभु को कुसुमांजलि अर्पित की गई।
पुजारी अम्बा लाल द्वारा प्रभु प्रतिमा और नाकोड़ा भैरव देव की प्रतिमा की भव्य अंगरचना की गई। पूजा के बाद दीप आरती की गई। मंदिर जी में मंगलवार से सांयकाल 8.15 बजे से भव्य आरती का आयोजन किया जा रहा है।
अध्यक्ष भरत जारोली के अनुसार सभी आयोजन व्यवस्था समिति के सानिध्य में किए जा रहे हैं। सांयकाल महाआरती का आयोजन 8.15 बजे से प्रारंभ होकर प्रभु इच्छा तक जारी रहता है। सांयकाल मंदिर प्रांगण में महिलाओं द्वारा प्रतिदिन भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है।
15 सितंबर को नवपद पूजा का आयोजन उदय सिंह महेता व परिवार की ओर से किया जाएगा। यह आयोजन प्रातः 10.30 बजे से प्रारंभ होकर प्रभु इच्छा तक जारी रहेगा। आगंतुक प्रभु भक्तों का मंदिर मंडल की ओर से भरत जारोली ने स्वागत-अभिनंदन किया और आभार व्यक्त किया।