तस्वीर में दिख रहे वक्ता खेरवाड़ा के महाविद्यालय हॉल में कार्यशाला को संबोधित कर रहे हैं।

खेरवाड़ा स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में राजस्थान सरकार के ‘नई किरण नशा मुक्त अभियान’ के तहत नशे के दुष्प्रभाव और नशामुक्त समाज निर्माण को लेकर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण पंड्या ने की।

कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. सीमा डांगी ने स्वागत उद्बोधन दिया और विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त प्राचार्य एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय, डूंगरपुर के प्रो. के. एल. डिंडोर ने नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि नशा शरीर को भीतर से खोखला कर देता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थों से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों तथा उनसे उत्पन्न गंभीर बीमारियों के बारे में जागरूक किया। प्रो. के. एल. डिंडोर ने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने में महिलाओं की दोहरी भूमिका है। महिलाएं घर के भीतर मार्गदर्शक तथा घर के बाहर सामाजिक परिवर्तन की जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

उन्होंने महिलाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान छात्राओं एवं स्टाफ ने नशामुक्ति की शपथ भी ली।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुमन राठौड़, सह-आचार्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मोहित कुमार मीणा एवं मेहुल पांचाल सहित महाविद्यालय स्टाफ एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

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