तस्वीर में भाणदा क्षेत्र के खेत में नष्ट हुई मक्के की फसल दिख रही है।

ग्राम पंचायत भाणदा क्षेत्र में जंगली सूअरों के आतंक से किसान परेशान हैं। जंगली सूअरों के साथ नील गायें भी रात के समय खेतों में घुसकर मक्के की खड़ी फसल को नष्ट कर रही हैं। लगातार फसल बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और महीनों की मेहनत पर पानी फिर रहा है।

पीड़ित किसानों ने बताया कि जंगली सूअरों के झुंड रात के समय खेतों में पहुंचकर मक्के की फसल को रौंदने के साथ ही उसे पूरी तरह खराब कर देते हैं। समस्या को लेकर किसानों ने पूर्व में उपखंड अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन एवं प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर प्रशासन को अवगत कराया था। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविर में भी किसानों ने अपनी समस्या रखकर कार्रवाई की मांग की थी।

किसानों के अनुसार कुछ दिनों पूर्व एसडीएम कार्यालय तथा ग्रामीण सेवा के फॉलोअप शिविर में भी ज्ञापन एवं प्रार्थना पत्र देकर जंगली सूअरों से फसलों को बचाने और समस्या का स्थायी समाधान करवाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद अभी तक वन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

किसानों का कहना है कि लगातार फसल नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। यदि समय रहते जंगली सूअरों के आतंक पर रोक नहीं लगाई गई तो किसानों की स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसानों ने प्रशासन एवं वन विभाग से शीघ्र मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करने तथा फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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