खेरवाड़ा में अवैध ढाबे के खिलाफ कार्रवाई के आदेश, ग्रामीणों ने शराब बिक्री और उत्पात की शिकायत की
खेरवाड़ा के जवास में पुलिस चौकी से 300-400 मीटर दूर खेत में संचालित ढाबे के खिलाफ ग्रामीणों ने शराब बिक्री, गाली-गलौज और उत्पात की शिकायत की। ज्ञापन के बाद एसडीओ ने पुलिस और आबकारी विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए।
तस्वीर में जवास गांव के ग्रामीण खेरवाड़ा के उपखंड अधिकारी कार्यालय में अपनी शिकायत का ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
खेरवाड़ा। खेरवाड़ा के उपखंड अधिकारी निलेश कुमार कलाल ने ग्राम पंचायत जवास में पुलिस चौकी से करीब 300-400 मीटर की दूरी पर एक खेत में अवैध रूप से संचालित ढाबे के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उपखंड अधिकारी ने थानेदार पुलिस और आबकारी थानेदार को कार्रवाई करने के निर्देश जवास के लोगों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद दिए।
ग्रामीणों की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि ढाबे पर देर रात तक सभी तरह की शराब की बिक्री होती है। शराब पीने वाले आपस में लड़ते हैं, हो-हल्ला करते हैं और शराब के नशे में चिल्लाकर गाली-गलौज करते हैं। इस संबंध में महिला-पुरुष और बच्चियों के दर्जनों हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा गया।
ग्रामीण प्रियंका कुवर ने बताया कि बायडी निवासी ढाबा संचालक ग्रामीणों को डराता-धमकाता है तथा महिलाओं को भी घर से उठा ले जाने की धमकियां देता है।
ग्रामीण लीना देवी ने बताया कि ढाबे के आसपास उनके खेत हैं। ढाबा संचालक की वजह से खेतों में निराई-गुड़ाई भी नहीं कर सकते हैं। यहां बैठे लोग जोर-जोर से गाली-गलौज करते हैं और मना करने पर लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।
स्कूली छात्रा सुभद्रा ने बताया कि आम रास्ता होने से स्कूली बच्चे-बच्चियां भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं। यहां शराबी खुले में पेशाब करते हैं, जिससे आसपास रहने वाली बच्चियों और महिलाओं के साथ ही आने-जाने वाले आमजन को भी परेशानी होती है।
ग्रामीण रायसिंह ने बताया कि ढाबे से शराब पीकर निकलने वाले आए दिन इधर-उधर हथियार लहराते हुए दौड़ते रहते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ढाबे की गतिविधियों से क्षेत्र का वातावरण खराब हो रहा है। आसपास सभ्य परिवार रहते हैं और बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें परेशानी होती है।
ज्ञापन देने के दौरान मुकमसिंह, सुमेरसिंह, करनसिंह, सांक्षी, मिनाक्षी, नदंनी, मंजू कुवर, मोनिका कुवर, दुर्गा कुवर, महेन्द्रसिंह और लक्ष्मी कुवर के साथ ही दर्जनों बच्चियां, महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों की शिकायत के बाद उपखंड अधिकारी निलेश कुमार कलाल ने पुलिस और आबकारी विभाग के संबंधित अधिकारियों को ढाबे के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश दिए हैं।