रजत जयंती पर 39 प्रतिभाओं का सम्मान, शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में उतारने का आह्वान
खेरवाड़ा में शांतिनाथ दिगम्बर जैन समाज एवं युवा परिषद के प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह की रजत जयंती मनाई गई। 31 विद्यार्थियों, 8 अध्यापिकाओं और वरिष्ठ समाजजनों का सम्मान किया गया।
तस्वीर में खेरवाड़ा में आयोजित जैन समाज के प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथि मंच पर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
खेरवाड़ा में शांतिनाथ दिगम्बर जैन समाज एवं युवा परिषद के तत्वावधान में आयोजित प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह ने अपनी 25 वर्षों की परंपरा पूरी करते हुए रजत जयंती मनाई। समारोह में शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं एवं जैन पाठशाला की 8 अध्यापिकाओं का सम्मान किया गया। विद्यार्थियों के सम्मान के दौरान अभिभावकों और समाजजनों में उत्साह दिखाई दिया तथा तालियों के साथ प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एवं राजस्थान गौरव डॉ. जिनेंद्र शास्त्री रहे। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी अल्पेश जैन, ऋषभदेव एवं ईपीएफओ कमिश्नर रौनक जैन ने भी समारोह में उपस्थित होकर विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। अतिथियों ने प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्य अतिथि डॉ. शास्त्री ने कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के भविष्य निर्माण की आधारशिला रखने वाला महत्वपूर्ण समय होता है। विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और उपलब्धियों को समाज द्वारा पहचानना एवं सम्मानित करना केवल पुरस्कार प्रदान करना नहीं, बल्कि उनकी लगन और क्षमता को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे सम्मान से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
डॉ. शास्त्री ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की वास्तविक नींव हैं। सम्मानित प्रतिभावान विद्यार्थी समाज की आशाओं और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी उपलब्धियों को नई जिम्मेदारियों की शुरुआत मानते हुए निरंतर सीखने, आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा से समाज का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
उन्होंने समाज द्वारा पिछले 25 वर्षों से प्रतिभाओं को सम्मानित करने की परंपरा को सराहनीय बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। समारोह में समाज की ओर से 80 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वरिष्ठ समाजजनों का विशेष सम्मान भी किया गया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह की 25 वर्ष की यात्रा समाज की गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह आयोजन केवल विद्यार्थियों को सम्मानित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की प्रतिभाओं को पहचान देने, उन्हें प्रोत्साहित करने और आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का कार्य कर रहा है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने अनेक विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित किया है।
समारोह में स्वर्गीय बंशीलाल जी मेहता परिवार के सदस्य श्री पीयूष मेहता का विशेष सम्मान किया गया। प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह की शुरुआत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए समाज की ओर से मेहता परिवार का अभिनंदन किया गया। समाजजनों ने कहा कि परिवार द्वारा शुरू की गई यह पहल आज 25 वर्षों की गौरवपूर्ण परंपरा बन चुकी है और निरंतर समाज की प्रतिभाओं को सम्मान एवं प्रोत्साहन प्रदान कर रही है।
समारोह में सम्मानित किए गए प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रदान किए गए पारितोषिक स्वर्गीय श्री जीवंधर लाल जी भंवरा की पुण्य स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कलावती देवी भंवरा द्वारा प्रदान किए गए। इस अवसर पर भंवरा परिवार के प्रति समाज की ओर से आभार व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया यह सहयोग समाज में सकारात्मक संदेश देता है तथा विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रदान करता है।
सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों में खुशी और उत्साह दिखाई दिया। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। विद्यार्थियों ने सम्मान प्राप्त कर भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा अपने परिवार एवं समाज का नाम रोशन करने का संकल्प व्यक्त किया।
समारोह में शांतिनाथ दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष रमेश चंद्र कोठारी, महामंत्री भूपेंद्र कुमार जैन, युवा परिषद अध्यक्ष विक्रांत कोठारी एवं युवा परिषद महामंत्री वैभव कोठारी, महिला मंडल अध्यक्षा शकुंतला कोठारी सहित समाज के पदाधिकारी, अभिभावक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति में शिक्षा और संस्कार दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ अपने संस्कार, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहना चाहिए। प्रतिभाओं का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है, क्योंकि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन दिनेश जैन ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए अतिथियों, विद्यार्थियों एवं समाजजनों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित विद्यार्थियों, बंशीलाल मेहता परिवार, श्रीमती कलावती देवी भंवरा एवं भंवरा परिवार, अभिभावकों तथा उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त किया गया।
रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह समारोह शिक्षा, संस्कार, प्रतिभा सम्मान और सामाजिक सहयोग की 25 वर्षों पुरानी परंपरा का आयोजन बना। इस अवसर पर 39 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान, सम्मान समारोह की शुरुआत करने वाले बंशीलाल मेहता परिवार का अभिनंदन तथा स्वर्गीय जीवंधर लाल भंवरा की पुण्य स्मृति में पारितोषिक प्रदान किए गए।