रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध, चुनाव प्रचार में अनुमति जरूरी
सवाई माधोपुर में पंचायतीराज आम चुनाव के दौरान ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए जिला प्रशासन ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदियां और समय सीमा तय की है।
पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के मद्देनजर सवाई माधोपुर जिले में चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए जिला प्रशासन ने लाउडस्पीकर के उपयोग को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट काना राम ने आदेश जारी कर ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल के लिए निर्धारित समय और अनुमति संबंधी प्रावधान तय किए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी निषेधाज्ञा का उद्देश्य आमजन की शांति भंग होने से रोकना, विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रखना तथा वयोवृद्ध और बीमार व्यक्तियों को अत्यधिक शोर से होने वाली परेशानी से बचाना है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी 28 नवंबर 2026 तक शहरी निकायों की सीमा से बाहर जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों की राजस्व सीमाओं के भीतर प्रभावी रहेगा।
आदेश के अनुसार माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक की स्वीकृत अवधि में भी लाउडस्पीकर अत्यधिक तेज आवाज में नहीं बजाए जा सकेंगे।
चुनाव प्रचार के लिए वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने से पहले सक्षम अधिकारी से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। स्वीकृति के लिए प्रस्तुत आवेदन पत्र में वाहन का रजिस्ट्रेशन विवरण तथा प्रत्याशी या राजनैतिक दल का नाम अंकित करना होगा। लाउडस्पीकर लगाकर प्रचार में उपयोग किए जाने वाले वाहनों का खर्च निर्धारित रजिस्टर में दर्ज कर उसे चुनाव खर्च में दर्शाना भी आवश्यक होगा।
किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस में स्थिर लाउडस्पीकर का उपयोग करने के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि के बाहर या संबंधित सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना लाउडस्पीकर का उपयोग पाए जाने पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
ऐसे उपयोगकर्ताओं के खिलाफ राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत आम चुनाव 2026 के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर जारी ये पाबंदियां 28 नवंबर 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रहेंगी।