सवाई माधोपुर, 6 अक्टूबर। निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर डीएपी उर्वरक बेचने के आरोप में कृषि विभाग ने मैसर्स लिमरा खाद बीज भण्डार, ग्राम बन्धावल, बौंली के खिलाफ कार्रवाई की है। शिकायत और सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो रिकॉर्डिंग का संज्ञान लेते हुए फर्म का खुदरा उर्वरक अनुज्ञापत्र तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक निलंबित कर दिया गया है।

कार्यालय आदेश के अनुसार कृषि पर्यवेक्षक थड़ोली की अनुशंसा तथा वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में फर्म के प्रोपराइटर द्वारा अधिक मूल्य पर डीएपी विक्रय संबंधी बातचीत सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले में प्रथम दृष्टया उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 3 का उल्लंघन माना गया है।

अनुज्ञापन प्राधिकारी (उर्वरक) एवं संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीना ने फर्म का खुदरा उर्वरक अनुज्ञापत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में फर्म को किसी भी प्रकार के उर्वरक का क्रय-विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

फर्म के प्रोपराइटर को सात दिवस के भीतर स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय बिल सहित संपूर्ण दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर अनुज्ञापत्र निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से अधिक मूल्य पर डीएपी बिक्री के आरोप से जुड़े मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

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