सवाई माधोपुर: जिला शिक्षा अधिकारी ने किया चौथ का बरवाड़ा के स्कूलों का निरीक्षण
डीईओ श्रीदेवी लाल मीणा ने राजकीय विद्यालयों की व्यवस्थाएं जांचीं, शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण और लाडो योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।
तस्वीर में कक्षा के दौरान अधिकारी विद्यार्थियों से संवाद करते नजर आ रहे हैं।
सवाई माधोपुर। आज दिनांक 3 सितंबर 2026 को श्रीदेवी लाल मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक मुख्यालय ने चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं व्यवस्थागत स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली और विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की।
निरीक्षण की शुरुआत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आदलवाडा कला से हुई, जहां सभी कक्षाएं व्यवस्थित रूप से संचालित मिलीं। जिला शिक्षा अधिकारी कक्षा में पहुंचे और गणित विषय पढ़ा रहे शिक्षक एवं छात्रों से उनके स्तर की जानकारी ली। छात्रों का स्तर अच्छा मिला। इसके बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 7 और 8 की बच्चियों को एमडीएम योजना के तहत दिए जाने वाले फल स्वयं अपने हाथों से छात्र-छात्राओं को बांटे।
विद्यालय में स्टाफ के साथ समीक्षा बैठक भी की गई। लाडो योजना की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 84 बच्चियों में से 44 बच्चियों को योजना का लाभ दिलाया गया है। इस पर संस्था एवं प्रभारी को निर्देश दिए गए कि शेष छात्राओं के आवश्यक दस्तावेज पूर्ण कराकर उनका भी आवेदन कराया जाए। साथ ही कंप्यूटर लैब का छात्रों के लिए प्रतिदिन उपयोग किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एचपीवी टीकाकरण के बारे में प्रधानाचार्य से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि अभी शून्य प्रोग्रेस है। इस पर संस्था प्रधान को निर्देश दिए गए कि एएनएम से संपर्क कर उन्हें एक रोज विद्यालय में बुलाया जाए और छात्राओं को टीकाकरण के फायदे बताए जाएं। साथ ही शत प्रतिशत बच्चियों का टीकाकरण कराना सुनिश्चित किया जाए।
विद्यालय में एमडीएम के तहत बनाए जा रहे खिचड़ी की गुणवत्ता की भी जिला शिक्षा अधिकारी ने स्वयं जांच की और खिचड़ी चखी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी राजकीय प्राथमिक विद्यालय बीड का टॉपरा पहुंचे, जहां विद्यालय का सम्बलन करते हुए अध्यापक को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक स्तर, योजनाओं की प्रगति, टीकाकरण और विद्यालयी व्यवस्थाओं को लेकर दिए गए निर्देशों से संबंधित कार्यों को सुनिश्चित करने पर जोर रहा।