सवाई माधोपुर: 484 फर्जी अंत्योदय राशन कार्ड रद्द, नोटिस जारी
बिना वैध दस्तावेज 35 किलो गेहूं का लाभ ले रहे 484 परिवारों का राशन बंद, प्रस्तुत न करने पर होगी 29.80 रुपये प्रति किलो से वसूली।
सवाई माधोपुर में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने का मामला सामने आया है। जिले में जांच के दौरान 484 बीपीएल, स्टेट बीपीएल एवं एपीएल परिवार ऐसे मिले हैं, जिन्होंने अंत्योदय श्रेणी का लाभ लेने के लिए ई-मित्र के जरिए आवेदन किया, लेकिन अंत्योदय में चयनित होने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज आवेदन के साथ प्रस्तुत नहीं किया।
जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना ने बताया कि जांच के बाद इन 484 परिवारों का गेहूं बंद कर स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित परिवारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उनसे 29.80 रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं की राशि वसूल की जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में सामान्य एपीएल/बीपीएल परिवारों को प्रतिमाह प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं मिलता है। वहीं अंत्योदय परिवार को प्रति राशन कार्ड 35 किलो गेहूं दिया जाता है। यानी परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ने के साथ सामान्य श्रेणी में मिलने वाला गेहूं बढ़ सकता है।
जांच में ब्लॉक बामनवास में 7, बौंली में 11, चौथ का बरवाडा में 113, गंगापुर सिटी में 14, खण्डार में 37, मलारना डूॅगर में 63 एवं सवाई माधोपुर में 239 ऐसे कार्ड सामने आए। इस प्रकार जिले में कुल 484 अवैध अंत्योदय राशन कार्ड मिले हैं।
जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना ने बताया कि जांच के दौरान सामने आए 484 अवैध अंत्योदय राशन कार्डों में सबसे ज्यादा मामले सवाई माधोपुर ब्लॉक में मिले हैं। यहां 239 कार्ड सामने आए, जबकि चौथ का बरवाडा में 113 और मलारना डॅूगर में 63 कार्ड मिले हैं।
संबंधित राशन कार्डधारियों को जारी नोटिस में सात दिन के भीतर जिला रसद कार्यालय में उपस्थित होकर वैध दस्तावेज सहित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर गेहूं की राशि 29.80 रुपए प्रति किलो की दर से वसूल की जाएगी।
जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना ने ई-मित्र संचालकों को भी चेतावनी देते हुए केवल वैध दस्तावेजों के आधार पर अंत्योदय श्रेणी के आवेदन करवाने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही मिलने पर संबंधित ई-मित्र संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। जिले में सामने आए 484 मामलों के बाद खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अंत्योदय श्रेणी में दस्तावेजों की वैधता जांच का मामला गंभीरता से सामने आया है।