तस्वीर में रात के समय सड़क पर विरोध प्रदर्शन करते हुए लोग नजर आ रहे हैं।   

राजसमंद जिला मुख्यालय पर कुमावत समाज का विरोध प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। सभापति पद पर दावेदारी और पार्षदों की ‘बाड़ेबंदी’ के विरोध में कुमावत समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और राजसमंद एसपी ऑफिस का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कुमावत समाज के पार्षदों को तत्काल ‘बाड़ेबंदी’ से मुक्त कराने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कुमावत समाज के हजारों लोगों ने सड़कों पर ही खाना खाया और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जारी रखा। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए राजसमंद पुलिस ने भारी पुलिस फोर्स तैनात किया।

कुमावत समाज का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद समाज के कुल 12 पार्षद, जिनमें 9 भाजपा और 3 कांग्रेस के हैं, अज्ञात जगह पर बंद हैं। समाज के अनुसार 17 सितंबर से इन पार्षदों के परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। इसी को लेकर समाज की ओर से पार्षदों को ‘बाड़ेबंदी’ से तुरंत मुक्त कराने की मांग की जा रही है।

सभापति पद को लेकर भी कुमावत समाज ने अपनी दावेदारी रखी है। समाज का कहना है कि भाजपा के 9 पार्षदों की जीत के दम पर सभापति पद पर समाज की दावेदारी बनती है। कुमावत समाज ने कहा कि राजसमंद के इतिहास में आज तक समाज का सभापति नहीं बना है।

सभापति पद की दावेदारी और पार्षदों की ‘बाड़ेबंदी’ के मुद्दे को लेकर राजसमंद एसपी ऑफिस के बाहर देर रात तक चला यह प्रदर्शन स्थानीय निकाय के नेतृत्व को लेकर समाज की मांग और विरोध को केंद्र में ले आया।


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