तस्वीर में माइंस परिसर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान खड़े लोग नजर आ रहे हैं।   

अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम और आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘नशामुक्त राजसमंद, नशामुक्त राजस्थान, नशामुक्त भारत’ अभियान के तहत दरीबा स्थित माइंस परिसर में नुक्कड़ नाटक ‘नशे के विरुद्ध महायुद्ध’ का मंचन किया गया। कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक दरीबा माइंस के बड़ी संख्या में श्रमिकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया।

जिला प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों के समन्वय से NCORD, नशामुक्त भारत अभियान एवं ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों, खनन क्षेत्रों और विभिन्न संस्थानों में लगातार नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दरीबा स्थित माइंस परिसर में जाह्वी कला परिषद एवं सांवरिया एंटरप्राइजेज के कलाकारों ने ‘नशे के विरुद्ध महायुद्ध’ नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।

नाटक के माध्यम से बताया गया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, रोजगार और सामाजिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने, अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी की सूचना पुलिस को देने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में राजपुरा-दरीबा माइंस के इकाई प्रधान देवांश चटर्जी, राजपुरा-दरीबा खान प्रबंधक विजय शर्मा, एस.के. खेतान के मुख्य परियोजना अधिकारी ललित थानवी एवं मुख्य सुरक्षा अधिकारी विनोद चवरे सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।

नुक्कड़ नाटक में पंकज सालवी, स्नहा चुड़ावत, महेंद्र कुमावत, मोनिका पालीवाल, कैलाश पालीवाल, मनीषा कुमावत, खुशी जोशी, डिंपल राठौड़, रानी राठौड़, शिवानी गायरी एवं रिया दीक्षित सहित अन्य कलाकारों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रमिकों एवं कर्मचारियों से स्वयं नशे से दूर रहने, परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अवैध मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी से संबंधित सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।

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