प्रतापगढ़ के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर न्यायिक अधिकारियों का अभियान, अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संदेश
प्रतापगढ़ न्यायक्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान के तहत विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
मंच पर बैठे न्यायिक अधिकारी प्रतापगढ़ के स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित कर रहे हैं।
प्रतापगढ़। स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए न्यायिक अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार मंगलवार को प्रतापगढ़ न्यायक्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे” अभियान के तहत विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान की थीम थी—“अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहें। जहां शिक्षा होती है, वहां कोई बच्चा असुरक्षित नहीं होना चाहिए।”
प्रतापगढ़ के सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व भी है। प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और पॉक्सो अधिनियम 2012 की जानकारी देते हुए शारीरिक दंड, मानसिक प्रताड़ना, भेदभाव और अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुंदरलाल खारोल ने विद्यार्थियों को कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानूनी सहायता के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। आपात स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 112 की मदद भी ली जा सकती है।
कार्यक्रम में आबकारी अधिकारी आशीष भटनागर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और गलत संगति से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी असुरक्षित स्थिति का सामना करने पर विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों या शिक्षकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि बच्चों को जागरूक, निडर और सुरक्षित बनाना भी है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने कहा कि विद्यालय ऐसा सुरक्षित स्थान होना चाहिए, जहां प्रत्येक बच्चा बिना किसी डर के शिक्षा प्राप्त कर सके और अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।
अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी वैभव कुमार टेलर, पूनम मीणा, दीप्ति स्वामी, संयोगिता जी और स्तुति राठी सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने प्रतापगढ़ न्यायक्षेत्र के विभिन्न स्कूलों का दौरा किया। इस दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और स्कूलों में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सके और किसी भी दुर्व्यवहार के खिलाफ अपनी आवाज उठा सके।