पिता-पुत्र की हत्या में नया खुलासा, पिकअप के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
प्रतापगढ़-मंदसौर रोड पर पिता-पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस ने मंदसौर निवासी दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पिकअप के फर्जी स्टाम्प और विक्रय अनुबंध तैयार कर जांच अधिकारी के सामने पेश करने के आरोप में हुई इस कार्रवाई में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
प्रतापगढ़-मंदसौर सड़क दुर्घटना मामले में गिरफ्तार आरोपी साहिल और आकाश कुमावत।
प्रतापगढ़-मंदसौर रोड पर पिकअप से टक्कर मारकर पिता-पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने हत्या में इस्तेमाल की गई पिकअप के फर्जी स्टाम्प और विक्रय अनुबंध तैयार कर जांच अधिकारी के सामने पेश किए थे। गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के निवासी हैं। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी सहित पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें जांच में इस्तेमाल करने के मामले में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सिंह सियाग के मार्गदर्शन तथा वृत्ताधिकारी बाबूलाल मुरारिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, उधार के रुपये को लेकर चल रहे विवाद के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया था। 6 सितंबर 2026 को हथुनिया थाना क्षेत्र के मोखमपुरा निवासी जावेद खान पठान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके पिता ने करीब तीन साल पहले गोवर्धनपुरा निवासी कुशाल खान पठान से 7 लाख रुपये उधार लिए थे। इसमें से कुछ रकम लौटा दी गई थी, लेकिन ब्याज पर ब्याज जोड़कर लगातार रुपये मांगे जा रहे थे।
इसी रंजिश के चलते 6 सितंबर को उनके पिता और भाई शोयब खान पठान मोटरसाइकिल से प्रतापगढ़ जा रहे थे। आरोप है कि अवलेश्वर टोल से आगे बसाड़ की सरहद में प्रतापगढ़-मंदसौर रोड पर कुशाल खान पठान ने पीछे से पिकअप से उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस घटना में पिता-पुत्र की मौत हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना में इस्तेमाल की गई पिकअप, जिसका पंजीकरण नंबर एमपी 10 जी 0861 है, कुशाल खान पठान ने खरीदी थी। इस पिकअप के विक्रय अनुबंध से संबंधित कूटरचित स्टाम्प और दस्तावेज 7 सितंबर को तैयार किए गए थे। इसके बाद इन्हें तत्कालीन अनुसंधान अधिकारी के सामने पेश किया गया था।
इस मामले में पुलिस ने पिकअप बेचने वाले मंदसौर निवासी साहिल कुमावत (28) और आकाश कुमावत (31) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने पिकअप बेचने के बाद फर्जी स्टाम्प तैयार कर जांच अधिकारी के सामने पेश करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और षड्यंत्र से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस इस मामले में पहले कुशाल खान पठान, रजिया बी, हुसैन खान पठान और अलीम खान को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान एक स्कॉर्पियो कार भी जब्त की गई थी। इसके अलावा, 2 अक्टूबर को हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में मोखमपुरा निवासी चंद्रपाल सिंह उर्फ चंदू राजपूत को गिरफ्तार किया गया था। इन आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पिता-पुत्र की हत्या के मामले में अब तक मुख्य घटना से जुड़े आरोपियों के साथ कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने और पेश करने के आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।