ठाणे में ‘मिट्टी के बेटे जो वापस ना लौटे’ कार्यक्रम में गूंजा देशप्रेम का संदेश
ठाणे में ‘मिट्टी के बेटे जो वापस ना लोटे’ कार्यक्रम में देशप्रेम की प्रस्तुतियों ने माहौल को भावपूर्ण बनाया, मुनिश्री ने भी संबोधित किया।
मुंबई के ठाणे में मुनि मुकुलकुमार के सान्निध्य में आयोजित तेरापंथ युवक परिषद के देशभक्ति कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुति देते कलाकार।
मुंबई। तेरापंथ युवक परिषद ठाणे (सिटी, वागले एस्टेट, कोपरी, सेंट्रल, मुंब्रा) और तेरापंथ किशोर मंडल ठाणे द्वारा आयोजित ‘मिट्टी के बेटे जो वापस ना लोटे’ कार्यक्रम आचार्य महाश्रमण के सुशिष्य मुनि कुलदीप कुमार के सहवर्ती मुनि मुकुलकुमार के सान्निध्य में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुनिश्री के मंगल उद्बोधन से हुई।
अ भा ते यू प सदस्य निर्मल चंडालिया ने स्वागत भाषण दिया। भावेश चोरड़िया और जेनिसा चोरड़िया ने सुंदर गीतिका की प्रस्तुति दी। रिया सोलंकी ने ‘मिट्टी की बेटियों’ के बारे में गीतिका के माध्यम से सुंदर प्रस्तुति दी।
तेरापंथ किशोर मंडल ठाणे एवं ठाणे के सारे युवक परिषद द्वारा देशप्रेम से भरपूर और आजादी का सही मतलब बताने वाली सुंदर और भव्य प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति के दौरान पूरा हॉल नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर मुनिश्री ने मुद्रा के बारे में भी रहस्य बताए। कार्यक्रम में संघीय संस्था के अध्यक्ष एवं मंत्री उपस्थित थे। तेरापंथ सभा ठाणे इस कार्यक्रम की प्रायोजक बनी। मंच संचालन दीपेश मोटावत ने किया। कार्यक्रम में देशप्रेम और आजादी के सही अर्थ को प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावी ढंग से सामने रखा गया।