मोनोरेल हादसे में 582 यात्रियों की जान बचाने वाले मुंबई फायर ब्रिगेड के 13 वीरों को राष्ट्रपति शौर्य पदक
मुंबई के मैसूर कॉलोनी मोनोरेल हादसे में 582 यात्रियों की जान बचाने वाले फायर ब्रिगेड के 13 वीरों को राष्ट्रपति शौर्य पदक मिलेगा।
मुंबई के मैसूर कॉलोनी मोनोरेल स्टेशन पर हुए बड़े हादसे के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना 582 यात्रियों की जान बचाने वाले मुंबई फायर ब्रिगेड के 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति के ‘शौर्य पदक’ से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
यह सम्मान 19 अगस्त 2025 को हुई उस साहसिक घटना के लिए दिया जा रहा है, जब लगभग 40 से 50 फीट की ऊंचाई पर हवा में फंसी एक मोनोरेल अचानक बंद पड़ गई थी। उस समय मोनोरेल के भीतर 582 यात्री सवार थे और सभी की जान संकट में पड़ गई थी।
सूचना मिलते ही मुंबई अग्निशमन दल के अधिकारी और जवान तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अग्निशमन दल के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अत्यंत कुशलता, निडरता और सतर्कता के साथ बचाव अभियान चलाया।
बचाव दल ने सभी 582 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस कार्रवाई से एक बहुत बड़े हादसे और जान-माल के नुकसान को टालने में सफलता मिली।
इस असाधारण और उल्लेखनीय वीरतापूर्ण कार्य के लिए केंद्र सरकार ने मुंबई फायर ब्रिगेड के 13 वीर अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति शौर्य पदक देने की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाला यह सम्मान 19 अगस्त 2025 को मैसूर कॉलोनी मोनोरेल स्टेशन पर हुए उस बचाव अभियान में उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को मान्यता देता है।
मैसूर कॉलोनी में 40 से 50 फीट की ऊंचाई पर फंसी मोनोरेल से 582 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना मुंबई अग्निशमन दल के लिए एक चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान था, जिसमें 13 अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।