सेंचुरी मिल की जमीन निजी डेवलपर को देने पर विवाद, कांग्रेस ने बीएमसी के फैसले का किया विरोध
लोअर परेल की सेंचुरी मिल जमीन को निजी डेवलपर को पट्टे पर देने के बीएमसी प्रस्ताव पर कांग्रेस का विरोध, पुनर्वास और वित्तीय हितों पर उठे सवाल।
मुंबई के लोअर परेल स्थित सेंचुरी मिल की बहुमूल्य जमीन को 30 साल के पट्टे पर निजी डेवलपर को सौंपने के बीएमसी के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है। बीएमसी में कांग्रेस के गट नेता अशरफ आजमी ने प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए सवाल उठाया है कि सुप्रीम कोर्ट में दशकों तक कानूनी लड़ाई जीतकर हासिल की गई इस जमीन का इस्तेमाल मिल मजदूरों के घर, मौजूदा निवासियों के पुनर्वास और जनहित के लिए करने के बजाय निजी बिल्डर को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए क्यों किया जा रहा है।
लोअर परेल में स्थित सेंचुरी मिल की यह जमीन लगभग 6.17 एकड़ में फैली है। 4.00 एफएसआई के हिसाब से इस जमीन पर करीब 7,000 करोड़ रुपये का विशाल निर्माण और व्यावसायिक मूल्य बनता है। इसके बावजूद बीएमसी इस जमीन को पेड्डार रियल्टी लिमिटेड नामक निजी कंपनी को महज 1,351 करोड़ रुपये के पट्टे पर देने की तैयारी कर रही है। इस पट्टे को आगे 30 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
अशरफ आजमी ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संपत्ति को कौड़ियों के दाम पर निजी हाथों में सौंपने के बजाय बीएमसी को खुद इसका विकास करना चाहिए। उनके अनुसार, इससे बीएमसी को भविष्य में अधिक राजस्व के साथ जमीन का मालिकाना हक भी अपने पास बनाए रखने का अवसर मिलेगा।
कांग्रेस नेता ने मांग की है कि सेंचुरी मिल की जमीन पर वर्षों से रह रहे परिवारों को उसी स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। इसके साथ ही शहर के विकास में अहम योगदान देने वाले पारंपरिक मराठी मिल मजदूरों को भी यहां मकान दिए जाएं।
प्रस्ताव को लेकर डेवलपर की आर्थिक क्षमता और भुगतान में देरी होने की स्थिति में कानूनी जोखिम को लेकर भी चिंता जताई गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि जब तक मिल मजदूरों के अधिकार, बीएमसी के वित्तीय हित और सार्वजनिक सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक सेंचुरी मिल की जमीन को निजी डेवलपर को पट्टे पर देने के प्रस्ताव को तत्काल स्थगित रखा जाए।
सेंचुरी मिल की जमीन के उपयोग, संभावित राजस्व और मिल मजदूरों तथा मौजूदा निवासियों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर बीएमसी के प्रस्ताव पर कांग्रेस के विरोध ने इसे महत्वपूर्ण विवाद का विषय बना दिया है।