मुंबई में पैदल चलने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े के निर्देश पर शुरू की जा रही ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ मुहिम को शुरुआत में ही प्रशासनिक अड़चन का सामना करना पड़ा। गोरेगाव और मालाड के वार्ड नंबर 52 में फुटपाथों से अवैध पक्के निर्माण हटाने पहुंचा बीएमसी का अतिक्रमण विरोधी दस्ता जेसीबी मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण बिना कार्रवाई किए लौट गया।

बीएमसी की टीम फुटपाथों पर किए गए पक्के अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी, लेकिन अधिकारियों के पास जेसीबी मशीन उपलब्ध नहीं थी। मशीन के अभाव में कर्मचारी पक्के अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई नहीं कर सके।

घटना की जानकारी मिलते ही वार्ड नंबर 52 की स्थानीय नगरसेविका प्रीती साटम मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई रुकने और जेसीबी मशीन उपलब्ध नहीं होने का कारण पूछा। बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम को जेसीबी मशीन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी का ठेका 9 अगस्त को ही समाप्त हो चुका है। इसी वजह से वर्तमान में जेसीबी मशीन उपलब्ध नहीं हैं।

जेसीबी उपलब्ध नहीं होने से नाराज नगरसेविका प्रीती साटम ने शुक्रवार को बीएमसी की स्थायी समिति की बैठक में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में आ रही इस रुकावट का मुद्दा सामने रखा।

मुंबई के फुटपाथ नागरिकों के सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए बनाए गए हैं। इसके बावजूद विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों और व्यावसायिक दुकानों द्वारा फुटपाथों पर अवैध रूप से ढलान, पक्के शेड और अन्य अतिक्रमण किए गए हैं। इन्हें हटाने के लिए जेसीबी मशीन उपलब्ध नहीं होने से कार्रवाई प्रभावित हो रही है।

बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने पैदल चलने वाले नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ अभियान शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं। ऐसे में अभियान की शुरुआत में ही जेसीबी मशीन उपलब्ध नहीं होने से कार्रवाई रुकना प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े करता है। जेसीबी उपलब्ध कराने वाली एजेंसी का ठेका 9 अगस्त को समाप्त होने की पूर्व जानकारी होने के बावजूद नई व्यवस्था नहीं किए जाने से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल प्रभावित हुई है। इसके चलते आम नागरिकों को अतिक्रमण मुक्त फुटपाथ के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

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