तस्वीर में मीरा भाईंदर के एक कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी एक व्यक्ति को उसके खोए हुए सामान के कागजात सौंप रहे हैं।

मीरा भाईंदर में स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पुलिस ने पीड़ितों को उनका चोरी हुआ, गुम अथवा साइबर क्राइम के जरिए ठगा गया कीमती सामान लौटाकर खुशियां बांटीं। मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय के डिविजन-2 के सभी पुलिस स्टेशनों में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, वाहन, मोबाइल और साइबर क्राइम के जरिए ठगी गई रकम समेत करोड़ों रुपये का सामान शिकायतकर्ताओं को वापस किया गया।

पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक के दिए गए आदेश के अनुसार 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर पीड़ितों को उनका कीमती सामान लौटाया गया। अपना सामान वापस मिलने पर पीड़ितों में खुशी की लहर दिखाई दी। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।



मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय डिवीजन-2 के नायगांव पुलिस स्टेशन, वसई पुलिस स्टेशन, मानिकपुर पुलिस स्टेशन, आचोले पुलिस स्टेशन, वालीव पुलिस स्टेशन और तुलिंज पुलिस स्टेशन की पुलिस टीमों ने आपराधिक मामलों की छानबीन कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से करोड़ों रुपये का सामान बरामद किया था।

पुलिस ने कुल 1 करोड़ 22 लाख रुपये का कीमती सामान पीड़ितों एवं शिकायतकर्ताओं को वापस लौटाया। नायगांव पुलिस स्टेशन के पीआई संजय हजारे द्वारा 10 लाख रुपये का कीमती सामान पीड़ितों को वापस लौटाया गया। मानिकपुर पुलिस स्टेशन की ओर से करीब 7 लाख रुपये का सामान लौटाया गया।

आचोले पुलिस स्टेशन द्वारा 142 आपराधिक मामलों की जांच-पड़ताल कर 29 लाख रुपये का कीमती सामान बरामद किया गया था, जिसे पीड़ितों को लौटाया गया। वहीं, वसई पुलिस स्टेशन की पीआई पवार मैडम की टीम ने 5 लाख रुपये से अधिक के मोबाइल एवं अन्य सामान वापस लौटाए।



तुलिंज पुलिस स्टेशन के पीआई विजय जाधव के नेतृत्व में उनकी पुलिस टीम द्वारा 50 लाख रुपये का कीमती सामान लौटाया गया। वालीव पुलिस ने भी लाखों रुपये का कीमती सामान पीड़ितों को वापस लौटाया।

स्वतंत्रता दिवस पर की गई इस कार्रवाई से चोरी, गुमशुदगी और साइबर क्राइम से प्रभावित शिकायतकर्ताओं को उनका कीमती सामान वापस मिला और पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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