दिवाली से पहले मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.64 करोड़ रुपये का चोरी और गुम हुआ सामान मालिकों को लौटाया
दिवाली से पहले मुंबई पुलिस ने 1.64 करोड़ रुपये मूल्य के चोरी और गुम हुए सामान को मालिकों को लौटाया। बरामदगी में 11 सोने के आभूषण, दो कारें, 15 मोटरसाइकिल और 332 मोबाइल फोन शामिल हैं। कार्यक्रम में साइबर धोखाधड़ी और नशे को लेकर भी चेतावनी दी गई।
मुंबई पुलिस के आधिकारिक लोगो की यह तस्वीर उस कार्रवाई का प्रतीक है, जिसके तहत पूर्वी प्रभाग पुलिस ने चोरी हुए 1.64 करोड़ रुपये का सामान मालिकों को वापस लौटाया।
दिवाली से पहले मुंबई पुलिस ने चोरी और गुम हुई संपत्ति के मामलों में बड़ी राहत देते हुए 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का सामान उसके असली मालिकों को वापस सौंपा। पुलिस ने अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान बरामद किए गए सोने के आभूषण, वाहन और मोबाइल फोन एक विशेष कार्यक्रम के दौरान संबंधित लोगों को लौटाए।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, बरामद संपत्ति में सोने के 11 आभूषण, दो कारें, 15 मोटरसाइकिल और 332 मोबाइल फोन शामिल हैं। चोरी, लूट और संपत्ति से जुड़े अन्य मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने इन वस्तुओं का पता लगाया था। बरामद सामान का कुल मूल्य 1.64 करोड़ रुपये आंका गया है।
यह संपत्ति मंगलवार, 3 नवंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में उसके मालिकों को सौंपी गई। पूर्वी क्षेत्रीय प्रभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज मामलों की जांच के दौरान यह बरामदगी हुई थी। स्थानीय निवासियों ने इन वस्तुओं के चोरी होने या गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के माध्यम से सामान का पता लगाने के साथ उसके वास्तविक मालिकों की पहचान भी सुनिश्चित की, जिसके बाद उन्हें संपत्ति वापस सौंप दी गई।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी क्षेत्रीय प्रभाग) धनंजय कुलकर्णी भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस दौरान लोगों को बढ़ते साइबर धोखाधड़ी के खतरे को लेकर सतर्क किया। उन्होंने डिजिटल मंचों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी और अनजान लिंक, संदेशों तथा फोन कॉल पर भरोसा नहीं करने की चेतावनी दी।
धनंजय कुलकर्णी ने कहा कि साइबर अपराधी कई बार सरकारी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों या सेवा प्रदाताओं के नाम पर लोगों से संपर्क करते हैं। वे व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने और लोगों को ठगने के लिए इस तरह के तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने नागरिकों से अनजान माध्यमों से आने वाले संदेशों और फोन कॉल का जवाब देते समय सतर्क रहने तथा संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की अपील की।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने युवाओं से नशे से दूर रहने की भी अपील की। उन्होंने नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही अभिभावकों से अपने बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर निगरानी रखने को कहा, ताकि अत्यधिक स्क्रीन टाइम और मोबाइल की लत से बचाव किया जा सके।
पुलिस ने बताया कि दिवाली से पहले संपत्ति लौटाने की यह पहल चोरी और गुम हुई वस्तुओं का पता लगाकर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के प्रयासों का हिस्सा है। बरामद मोबाइल फोन, वाहन और सोने के आभूषण कई लोगों और परिवारों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बने थे। विभिन्न मामलों की जांच के दौरान इनकी बरामदगी की गई।
कार्यक्रम के दौरान धनंजय कुलकर्णी ने अपराध रोकने में जनजागरूकता और सतर्कता की भूमिका पर भी जोर दिया। पुलिस ने नागरिकों को संदिग्ध संदेशों और संपर्कों से सावधान रहने तथा साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए आवश्यक सतर्कता बरतने की सलाह दी। इस दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने और अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर नजर रखने का संदेश भी दिया गया।