मुंबई के पूर्वी उपनगरों में बुलडोजर कार्रवाई, 1,236 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त
मुंबई के कुर्ला, मानखुर्द, देवनार, मंडाले और चेंबूर में प्रशासन ने आठ विशेष अभियानों के तहत 39.5 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई। 1,236 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जे हटाने के लिए 29 अक्टूबर को भी बुलडोजर कार्रवाई हुई।
मुंबई उपनगर जिला प्रशासन ने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करते हुए कुर्ला, मानखुर्द, देवनार, मंडाले और चेंबूर में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। प्रशासन की राजस्व टीम ने आठ विशेष अभियानों के माध्यम से लगभग 39.5 एकड़ सरकारी और संस्थागत जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया है। खाली कराई गई जमीन का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 1,236 करोड़ रुपये है।
यह कार्रवाई मुंबई के पूर्वी उपनगरों के व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में की गई। अभियान के दौरान सरकारी जमीनों पर वर्षों से बने अवैध व्यावसायिक निर्माण, दुकानें, गैरेज और गोदाम हटाए गए। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया।
अभियान के तहत सबसे हालिया कार्रवाई 29 अक्टूबर को देवनार इलाके में की गई। यहां प्रशासन की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 8,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बने अवैध व्यावसायिक ढांचों और दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा मंडाले और मानखुर्द में भी सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से बनाए गए दुकानों, गैरेज और गोदामों को हटाया गया।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी विकास योजनाओं के लिए आरक्षित जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने खाली कराई गई जमीनों को दोबारा अतिक्रमण से बचाने के लिए तत्काल बाड़ लगाने और सुरक्षा बोर्ड स्थापित करने का काम भी शुरू कर दिया है।
प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इन जमीनों का इस्तेमाल अब जनहित की योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया जाएगा। भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों को चेतावनी दी गई है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह के सख्त बुलडोजर अभियान जारी रहेंगे।
मुंबईकरों ने भी अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की इस पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई का स्वागत किया है। आठ विशेष अभियानों में 39.5 एकड़ जमीन को मुक्त कराना और उसकी सुरक्षा के लिए कदम उठाना मुंबई उपनगर जिला प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा है।