मुंबई। बीएमसी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘माय बीएमसी’ पर बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा का वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई की महापौर रितू तावड़े ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि दीया मिर्जा को हिंदू त्योहारों और परंपराओं के बारे में ज्ञान देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बीएमसी के जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

महापौर रितू तावड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दीया मिर्जा का रुख हमेशा से हिंदू त्योहारों और परंपराओं के प्रति नकारात्मक रहा है। ऐसे में उन्हें यह बताने का अधिकार नहीं है कि हिंदू समुदाय को अपनी दिवाली किस तरह मनानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेत्री हमेशा एक खास और चुनिंदा एजेंडे के तहत अपनी बात रखती हैं तथा देश विरोधी और हिंदू विरोधी सोच का समर्थन करती रही हैं।

महापौर ने सवाल उठाया कि बीएमसी के जनसंपर्क विभाग ने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर अभिनेत्री का वीडियो पोस्ट करने से पहले उन्हें या अन्य जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इस अभियान के लिए किन कलाकारों का चयन किया जा रहा है, इसकी पूरी सूची और जानकारी महापौर कार्यालय को उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

रितू तावड़े ने स्पष्ट किया कि बीएमसी किसी एक व्यक्ति का निजी सोशल मीडिया पेज नहीं, बल्कि पूरे शहर का प्रशासनिक मंच है। उन्होंने इस मामले में बीएमसी आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिड़े से लिखित स्पष्टीकरण मांगने की बात भी कही।

विवाद के बीच महापौर ने मुंबईकरों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए शहर की हवा की गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मुंबई की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिवाली का पावन त्योहार पर्यावरण के अनुकूल, हरित और सुरक्षित तरीके से मनाएं।

हालांकि, महापौर ने अपने विरोध को दोहराते हुए कहा कि पर्यावरण जागरूकता के नाम पर हिंदू मान्यताओं और त्योहारों का अनादर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले में अब बीएमसी आयुक्त से मांगे गए लिखित स्पष्टीकरण को लेकर प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण होगा।

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