बढ़ते ड्रग्स और साइबर क्राइम के खिलाफ 100 स्कूलों के 21 हजार छात्रों में जनजागृति अभियान
मीरा भाईंदर वसई विरार में ड्रग्स और साइबर क्राइम के खिलाफ अभियान, 100 स्कूलों के 21 हजार छात्रों को ऑनलाइन जागरूक किया गया।
तस्वीर में मीरा-भायंदर क्षेत्र के एक सभागार में बैठे स्कूली छात्र लाल कुर्सियों पर बैठकर स्क्रीन पर चल रहे जागरूकता सत्र को देखते हुए नजर आ रहे हैं।
मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय एवं महाराष्ट्र सरकार की ओर से ड्रग्स और साइबर क्राइम से बचाव तथा इनके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है। इसी अभियान के तहत मीरा भाईंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय के पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक ने ऑनलाइन मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों को ड्रग्स एवं साइबर क्राइम को लेकर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में 100 से अधिक स्कूलों ने हिस्सा लिया। लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से 21,000 स्टूडेंट्स और टीचर्स कार्यक्रम से जुड़े। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचने तथा ड्रग्स के दुष्प्रभावों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि ऑनलाइन दौर में साइबर अपराधी लोगों को लुभावनी बातों में फंसाकर कुछ ही सेकंड में लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं। बड़ी संख्या में नागरिक साइबर अपराधों का शिकार होकर अपनी रकम गंवा रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं में ड्रग्स सेवन की बढ़ती समस्या भी गंभीर चुनौती बन रही है।
ड्रग्स की लत युवाओं और समाज के लिए बड़ी चुनौती है। यह व्यक्ति के शरीर, मन और पूरे परिवार को प्रभावित करती है। इस समस्या के खिलाफ समाज में जागरूकता लाने और सावधान रहने की जरूरत पर जोर दिया गया, ताकि अपराध होने से पहले ही उसे रोकने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा सके।
जनजागृति अभियान के दौरान अभिनेता सोनू सूद, रितेश देशमुख, मुकेश ऋषि और राजा मुराद के ऑनलाइन जागरूकता संबंधी वीडियो भी दिखाए गए।
इस मौके पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर संजय शित्रे ने साइबर अवेयरनेस पर सेशन लिया। ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद स्टूडेंट्स और टीचर्स को साइबर अपराधों से बचाव को लेकर मार्गदर्शन दिया।
उमेताता फाउंडेशन के डॉ. नीलेश वंसत मोहिते ने ड्रग्स पर पब्लिक अवेयरनेस सेशन किया और ऑनलाइन मौजूद सभी लोगों को नशे के दुष्प्रभावों तथा इससे बचने को लेकर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में अक्षय सर ने भी अपने अनुभव साझा किए। वह खुद ड्रग्स की लत से बाहर आ चुके हैं और आज सामान्य एवं स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। उन्होंने नशे से दूर रहने के लिए क्या करें और क्या न करें, इस संबंध में विद्यार्थियों और शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया।
ड्रग्स और साइबर क्राइम जैसी बढ़ती चुनौतियों को लेकर पुलिस आयुक्तालय एवं महाराष्ट्र सरकार की इस विशेष मुहिम के माध्यम से बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया।