तस्वीर में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर और अधिकारी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना स्थल का निरीक्षण करते हुए दिखाई दे रहे हैं.   

मुंबई। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड यानी जीएमएलआर के तीसरे चरण में सुरंग निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बनने वाली 5.30 किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंगों के निर्माण के लिए लाई गई विशाल ‘तुलसी’ टनल बोरिंग मशीन ने खुदाई शुरू कर दी है। मशीन अब तक 64 मीटर सुरंग की खुदाई पूरी कर चुकी है। सुरंग को मजबूती देने के लिए 27 कंक्रीट रिंग भी लगाए जा चुके हैं।

परियोजना के दूसरे छोर पर ‘विहार’ नाम की दूसरी टीबीएम मशीन को जोड़ने का 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इससे दूसरी सुरंग की खुदाई जल्द शुरू होने की उम्मीद है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त अभिजीत बांगर ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को काम की रफ्तार बनाए रखने के साथ गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।



अभिजीत बांगर ने बताया कि ‘विहार’ मशीन की तकनीकी जांच 13 अक्टूबर से शुरू होगी। सब कुछ ठीक रहने पर 22 अक्टूबर से दूसरी सुरंग की खुदाई का काम औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। पूरी परियोजना की लाइव ट्रैकिंग के लिए अधिकारियों को डिजिटल डैशबोर्ड तैयार करने के आदेश भी दिए गए हैं।

यह परियोजना गोरेगांव की दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी को मुलुंड के अमर नगर से सीधे जोड़ेगी। 14.20 मीटर व्यास वाली ये सुरंगें देश की सबसे बड़ी शहरी सुरंगें होंगी। परियोजना में काम करने वाले मजदूरों और इंजीनियरों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बीएमसी ने पूरी परियोजना को फरवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। परियोजना के चालू होने के बाद पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच यात्रा का समय घटकर महज कुछ मिनट रह जाएगा। इससे लाखों मुंबईकरों को रोजाना के यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

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