उज्जैन में रोड शो के दौरान महापौर मुकेश टटवाल को रथ से उतारा, कांग्रेस का विरोध
उज्जैन में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के रोड शो के दौरान महापौर मुकेश टटवाल को रथ से उतारे जाने पर विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस ने विरोध जताया, जबकि महापौर ने 20 सितंबर को मौन प्रदर्शन का ऐलान किया है।
तस्वीर में उज्जैन में कुछ लोग एक कमरे या घर के भीतर खड़े होकर आपस में बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उज्जैन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रोड शो के दौरान महापौर मुकेश टटवाल को रथ से नीचे उतारे जाने का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले रहा है। घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए महापौर के प्रति समर्थन जताया है। कांग्रेस विधायक महेश परमार सहित पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया।
महापौर मुकेश टटवाल के अनुसार, वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अगवानी के लिए हेलीपैड पहुंचे थे। उनका कहना है कि भाजपा जिला प्रभारी बजरंग पुरोहित और कार्यक्रम प्रभारी जयपाल सिंह चावड़ा के कहने पर वे विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के साथ रथ पर सवार हुए थे। कुछ देर बाद उन्हें रथ से नीचे उतरने के लिए कहा गया।
घटना के बाद रथ में सवार होने वाले नेताओं की सूची को लेकर भी सवाल उठे हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, हेलीपैड से रवाना होने वाले रथ की सूची में महापौर मुकेश टटवाल का नाम नहीं था, जबकि शिप्रा तट स्थित मुख्य मंच की सूची में उनका नाम शामिल था। इस दौरान रथ पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
मामले को लेकर महापौर मुकेश टटवाल ने 20 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक फ्रीगंज स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने मौन बैठकर विरोध करने का ऐलान किया है। वहीं, कांग्रेस विधायक महेश परमार सहित कांग्रेस नेताओं ने महापौर के समर्थन में आवाज उठाते हुए सोमवार से धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि महापौर निर्वाचित जनप्रतिनिधि और शहर के प्रथम नागरिक हैं। उनके साथ हुए कथित व्यवहार पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने शांतिपूर्ण धरने के जरिए अपना विरोध दर्ज कराने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद उज्जैन की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब भाजपा संगठन की ओर से इस विवाद पर दिए जाने वाले स्पष्टीकरण और सोमवार को कांग्रेस के प्रस्तावित धरने के बाद मामले की दिशा पर नजर रहेगी।