कटनी: रीठी के नैगवा जंगल में वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रयास विफल
पुलिस और SAF की मदद से वन विभाग ने कार्रवाई कर ग्रामीणों को दी चेतावनी, बाहरी तत्वों पर उकसाने का आरोप।
कटनी में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की बैठक लेते वन और पुलिस अधिकारी।
कटनी जिले के वन परिक्षेत्र रीठी की बीट नैगवा के कक्ष क्रमांक RF-131 में वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास का मामला सामने आया है। पिछले करीब 15 दिनों से ग्राम सूखा, हाथीभार, कछरगांव और केवलरहा के कुछ ग्रामीण लेंटाना समेत अन्य झाड़ियों की सफाई कर वन भूमि पर खेती करने की तैयारी कर रहे थे। वन अमला लगातार मौके पर पहुंचकर इस गतिविधि को रोकने का प्रयास कर रहा था।
इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को वन विभाग की टीम पुलिस और SAF के साथ मौके पर पहुंची और संयुक्त कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास को रोक दिया। कार्रवाई वनमंडलाधिकारी गर्वित गंगवार के मार्गदर्शन तथा एसडीओ पश्चिम कटनी कार्तिकेय भट्ट (IFS) की मौजूदगी में की गई। कटनी वन मंडल का वन अमला, पुलिस स्टाफ और SAF की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों को वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करने की समझाइश दी।
वन विभाग के अनुसार, मौके पर यह जानकारी सामने आई कि कुछ बाहरी लोग ग्रामीणों को वन भूमि पर अतिक्रमण करने के लिए उकसा रहे हैं और उन्हें गुमराह कर रहे हैं। मामले को लेकर वन अमले ने ग्रामीणों की बैठक ली। बैठक में उन्हें वन भूमि, अतिक्रमण तथा संबंधित नियम-कानूनों की जानकारी दी गई।
वन विभाग ने ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाया कि वन भूमि पर कब्जा कर खेती करना कानूनन अपराध है और ऐसी गतिविधियों से बचना आवश्यक है। इसके साथ ही वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण के प्रयास को लेकर भी चेतावनी दी गई।
वन परिक्षेत्र अधिकारी महेश पटेल ने बताया कि वन भूमि पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों को समझाइश दी गई है और नियमों की जानकारी भी दी गई है। इसके बावजूद यदि दोबारा अतिक्रमण का प्रयास किया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के मुताबिक भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। फिलहाल वन अमले की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण का प्रयास न हो सके।