लातूर में कर्जवसूली करने वाले बैंक कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल, मारपीट और धमकियों से बढ़ी चिंता
लातूर में कर्जवसूली के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जाने वाले बैंक और NBFC कर्मचारियों को गाली-गलौज, मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर सुरक्षा और सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाने वालों की जांच की मांग की है।
लातूर में कर्जवसूली के दौरान सुरक्षा की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
लातूर जिले में कर्जवसूली के लिए जाने वाले बैंक और वित्तीय संस्थानों के कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में वसूली के लिए पहुंचने वाले कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट, धमकी देने और रास्ते में रोकने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण कर्मचारियों में डर का माहौल है। इस समस्या को लेकर विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के कर्मचारियों ने लातूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि कर्जवसूली का काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए। उनके काम में बाधा डालने, मारपीट करने और धमकियां देने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कर्मचारियों के खिलाफ भड़काऊ संदेश प्रसारित कर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों की भी जांच करने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि बैंक और वित्तीय संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारी संस्थाओं के नियमों और अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारियां निभाते हैं। उनके पास कर्ज की ब्याज दरें तय करने, ऋण मंजूर करने या संस्थान की नीतियां निर्धारित करने का अधिकार नहीं होता। ऐसे में संस्थानों की नीतियों को लेकर नाराजगी कर्मचारियों पर निकालना अन्यायपूर्ण है।
इस दौरान जिले के विभिन्न बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में पंजीकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFC) और माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन से उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। कर्जवसूली के दौरान लगातार सामने आ रही गाली-गलौज, मारपीट और धमकी की घटनाओं ने अब वित्तीय संस्थानों के फील्ड कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।