लातूर के अशोक होटल चौक पर ऑटो पर पेड़ गिरने से तीन लोग घायल हो गए।

लातूर शहर के व्यस्त अशोक होटल चौक में अचानक एक विशाल पेड़ चलते चार्जिंग ऑटो पर गिर गया। इस हादसे में ऑटो चालक समेत तीन लोग घायल हो गए। पेड़ गिरने से ऑटो को भारी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। हालांकि, हादसे ने शहर में खतरनाक पेड़ों और महानगरपालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, एमएच-24-सीएफ-0176 नंबर का चार्जिंग ऑटो मंगलवार दोपहर छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से गांधी चौक की ओर जा रहा था। अशोक होटल चौक स्थित होटल राजधानी और अर्पण ब्लड बैंक के सामने से गुजरते समय सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ अचानक चलते ऑटो पर गिर गया। पेड़ सीधे ऑटो पर गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ऑटो चालक और उसमें सवार दो अन्य लोग घायल हो गए।

पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के नागरिक और दुकानदार घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। चलते वाहन पर पेड़ गिरने से ऑटो में सवार यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया। स्थानीय नागरिकों ने घायलों की मदद के लिए आगे आकर उन्हें सहायता पहुंचाई। इस घटना के बाद कुछ समय तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

सड़क के बीचोंबीच पेड़ गिरने से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। अशोक होटल चौक शहर का एक महत्वपूर्ण और हमेशा व्यस्त रहने वाला मार्ग है। ऐसे में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पेड़ हटाने का काम पूरा होने तक यातायात का जाम बना रहा।

लातूर शहर में कई जगहों पर पुराने, जर्जर और कमजोर पेड़ सड़कों के किनारे खड़े हैं। कुछ स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं सड़क की ओर झुकी हुई हैं, जबकि कई जगह बिजली के खंभे भी खतरनाक स्थिति में झुके हुए हैं। इसके अलावा, कई बड़े विज्ञापन बोर्ड और होर्डिंग्स भी गिरने की स्थिति में होने की बात नागरिकों की ओर से कही जा रही है। ऐसे स्थानों से पैदल चलने वालों, दोपहिया वाहन चालकों और अन्य वाहन चालकों की जान को खतरा होने की आशंका है।

शहर में ऐसे खतरनाक स्थानों का समय-समय पर निरीक्षण करना, पेड़ों की जोखिमपूर्ण शाखाओं की छंटाई करना, जर्जर पेड़ों को हटाना और झुके हुए बिजली के खंभों तथा कमजोर होर्डिंग्स को सुरक्षित करना महानगरपालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है। हालांकि, नागरिकों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि प्रशासन इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है।

चलते ऑटो पर पेड़ गिरने और तीन लोगों के घायल होने की इस घटना ने महानगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सौभाग्य से पेड़ ऑटो पर गिरा, लेकिन यदि उसी स्थान पर कोई पैदल यात्री, दोपहिया वाहन चालक या अन्य वाहन होता, तो बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे में केवल दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचने के बजाय, प्रशासन को पहले से ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने की जरूरत है।

नागरिकों की मांग है कि शहर के सभी प्रमुख मार्गों, चौक, स्कूलों, अस्पतालों और व्यस्त इलाकों में मौजूद खतरनाक पेड़ों का तत्काल सर्वेक्षण किया जाए। जोखिमपूर्ण शाखाओं की छंटाई की जाए और जर्जर पेड़ों को हटाया जाए। इसके साथ ही झुके हुए बिजली के खंभों और गिरने की स्थिति में मौजूद होर्डिंग्स की जांच कर संबंधित विभागों की ओर से तुरंत कार्रवाई की जाए।

इस घटना के बाद लातूर के नागरिकों ने सवाल उठाया है कि महानगरपालिका प्रशासन नागरिकों के जीवन से जुड़े इतने गंभीर मुद्दों पर आखिर कब तक अनदेखी करता रहेगा? क्या किसी बड़ी दुर्घटना में निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी? अशोक होटल चौक में हुआ यह हादसा शहर में खतरनाक पेड़ों और अन्य जोखिमपूर्ण संरचनाओं की समय रहते पहचान कर कार्रवाई करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

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