लातूर के श्मशान घाट पर सेवा आधार संस्था के सदस्य अज्ञात व्यक्ति का अंतिम संस्कार करते हुए।

लातूर शहर के स्क्रैप मार्केट इलाके में आयशर टेम्पो के नीचे कुचलने से एक अज्ञात व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक की पहचान करने के प्रयास किए गए, लेकिन अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाने के लिए कोई भी परिजन सामने नहीं आया। ऐसे में जब रिश्तेदारों ने भी मुंह फेर लिया, तब ‘सेवा आधार’ संस्था ने इंसानियत का रिश्ता निभाते हुए आगे आकर मृतक के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। संस्था की ओर से आज इस अज्ञात व्यक्ति का विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।

हादसे में जान गंवाने वाले इस व्यक्ति के जीवन का अंत बेहद दर्दनाक परिस्थितियों में हुआ। दुर्घटना के बाद नियमानुसार उसका शव रखा गया था, लेकिन मृतक की पहचान कराने या अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए कोई आगे नहीं आया। इस घटना में मुश्किल घड़ी में खून के रिश्तों का साथ नहीं मिलने की स्थिति सामने आई।

ऐसी निराश्रित परिस्थिति में ‘सेवा आधार’ संस्था ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए पहल की। जाति, धर्म, पंथ और रिश्तों का भेद किए बिना केवल इंसानियत के भाव से संस्था ने मृतक के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी स्वीकार की। संस्था के सदस्यों की पहल पर आज उस अज्ञात व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

जीवन में उसे किसी का सहारा मिला था या नहीं, यह पता नहीं, लेकिन मृत्यु के बाद उसे सम्मानजनक विदाई जरूर मिली। परिजनों के पीछे हटने के बाद भी ‘सेवा आधार’ संस्था ने जिस संवेदनशीलता के साथ अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई, उसने समाज के सामने मानवीय रिश्तों की अहमियत को उजागर किया।

खून के रिश्तों ने साथ छोड़ दिया, लेकिन इंसानियत के रिश्ते ने अंतिम समय में सहारा दिया। लातूर की इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि मानवता का रिश्ता आज भी जीवित है।

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