कोटा में आयोजित निःशुल्क एक्यूपंक्चर चिकित्सा शिविर में मरीजों को परामर्श देते विशेषज्ञ।

कोटा में रोटरी क्लब कोटा की ओर से अस्थमा, कमर दर्द और सर्वाइकल दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए आयोजित निःशुल्क एक्यूपंक्चर उपचार शिविर संपन्न हुआ। शिविर में 57 मरीजों ने भाग लेकर एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार प्राप्त किया। इस दौरान मरीजों को उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

शिविर में क्लब अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति में शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर अत्यंत पतली सुइयों का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति का उपयोग विशेष रूप से कुछ प्रकार के दर्द, जैसे कमर दर्द और गर्दन के दर्द, सहित अस्थमा के उपचार में किया जाता है।

शिविर में एक्यूपंक्चर विशेषज्ञ एवं एक्यूपंक्चर साइंस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनीश गुप्ता ने मरीजों को एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार संबंधी सेवाएं प्रदान कीं।

क्लब सचिव मुकेश चौधरी ने बताया कि शिविर में अस्थमा, कमर दर्द एवं सर्वाइकल दर्द से पीड़ित 57 मरीजों ने भाग लेकर उपचार प्राप्त किया। शिविर का उद्देश्य मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना और एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

शिविर के आयोजन में प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुरेंद्र गहलोत एवं शैलेन्द्र सिंह सोमवंशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्लब प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि शिविर में क्लब लर्निंग फेसिलेटर मुकेश व्यास, अनुराग उपाध्याय, गौरव सिंघवी, मनीष मेहता, अर्चना गहलोत, अंजलि शर्मा और सह सचिव जयंत उपाध्याय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के साथ एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

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