जयपुर में ROSCON-2026 सम्मेलन के दौरान डॉ. अरनव सिंह सरोया व अन्य नेत्र विशेषज्ञ.   

कोटा के युवा नेत्र सर्जन डॉ. अरनव सिंह सरोया ने जयपुर में आयोजित राजस्थान ऑप्थैल्मोलॉजी सोसाइटी के प्रतिष्ठित सम्मेलन ROSCON-2026 में तीन बड़े पुरस्कार जीतकर चिकित्सा जगत में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सरोया आई हॉस्पिटल, कोटा में कार्यरत कैटरेक्ट, कॉर्निया एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. अरनव ने सर्वश्रेष्ठ वीडियो, सर्वश्रेष्ठ ई-पोस्टर और सर्वश्रेष्ठ पेपर ऑफ सेशन का सम्मान हासिल कर कोटा का मान बढ़ाया।

सम्मेलन में डॉ. अरनव को ROSCAR फॉर बेस्ट वीडियो (जनरल कैटेगरी), बेस्ट ई-पोस्टर और बेस्ट पेपर ऑफ सेशन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन उपलब्धियों के साथ वे सम्मेलन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहे। खास बात यह रही कि सम्मेलन में इतनी उपलब्धियां हासिल करने वाले वे सबसे युवा नेत्र विशेषज्ञ रहे। उनकी सफलता को सर्जिकल दक्षता और अकादमिक उत्कृष्टता के रूप में विशेष पहचान मिली।

सर्जिकल कौशल और शोध प्रस्तुतियों से बनाई पहचान

ROSCON-2026 में डॉ. अरनव सरोया ने पुरस्कार जीतने के साथ अकादमिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने सम्मेलन में फैकल्टी टॉक दीं और विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों का संचालन एवं मॉडरेशन किया। उनके सर्जिकल वीडियो, शोधपरक प्रस्तुतियों और वैज्ञानिक विचारों को विशेषज्ञों के बीच सराहना मिली।

चिकित्सा जगत की प्रमुख हस्तियों ने किया सम्मानित

सम्मेलन के दौरान डॉ. अरनव सरोया को राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से जुड़े प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञों ने सम्मानित किया। सम्मानित करने वाली प्रमुख हस्तियों में डॉ. एन. के. नेपलिया, डॉ. योगेश शुक्ला, डॉ. झाला और डॉ. आर. के. शर्मा सहित चिकित्सा जगत की अन्य प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं।

आधुनिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में कोटा की पहचान मजबूत

कैटरेक्ट, कॉर्निया और रिफ्रैक्टिव सर्जरी के क्षेत्र में कार्यरत डॉ. अरनव सरोया की उपलब्धियां आधुनिक चिकित्सा में सर्जिकल कौशल के साथ शोध, नवाचार, ज्ञान साझा करने और अकादमिक नेतृत्व के महत्व को भी रेखांकित करती हैं। उनकी सफलता से कोटा के चिकित्सा क्षेत्र को नई पहचान मिली है।

ROSCON-2026 में तीन प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल करने और वैज्ञानिक सत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने की उपलब्धि युवा चिकित्सकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह सफलता दर्शाती है कि प्रतिभा, निरंतर सीखने की ललक और समर्पण के दम पर युवा चिकित्सक राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।

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