राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा में कार्यशाला के दौरान प्रमाण पत्र दिखाते विद्यार्थी।

कोटा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा में पीसीबी डिजाइनिंग और सेमीकंडक्टर तकनीक पर आयोजित कार्यशाला में लगभग 500 विद्यार्थियों ने भाग लेकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोचिप तकनीक के प्रति अपनी रुचि दिखाई। 25 अक्टूबर 2026, रविवार को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को पीसीबी डिजाइनिंग, सेमीकंडक्टर तकनीक और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स में माइक्रोचिप्स की बढ़ती उपयोगिता से परिचित कराना था।

विश्वविद्यालय के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि प्रोफेसर दीपक भाटिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। सीमित संसाधनों के बावजूद लगभग 500 विद्यार्थियों की भागीदारी और कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजन की प्रमुख उपलब्धि रहा।

इस अवसर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने सेमीकंडक्टर और माइक्रोचिप उद्योग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और भविष्य के इंजीनियरों के लिए इसमें अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने ऐसी कार्यशालाओं को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि ये आयोजन उन्हें नई तकनीकों की जानकारी देने के साथ व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी कौशल विकसित करने में भी सहायता करते हैं।

कार्यशाला के आयोजन और प्रबंधन में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के रोबोटिक्स क्लब के विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में अनुज, अपूर्वा, अरुणव, कीर्तांश, भुवनेश, आर्यन और अंजू ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, समन्वय और संचालन में सक्रिय योगदान दिया। सीमित संसाधनों के बीच विद्यार्थियों ने समर्पण, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क का परिचय देते हुए कार्यशाला को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यशाला तकनीकी शिक्षा, नवाचार और व्यावहारिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य के सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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