कोटा के श्री राम मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में अतिथियों ने व्यास पीठ का पूजन किया।

कोटा जंक्शन स्थित श्री राम मंदिर में गौ सेवा, धर्म जागरण और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। वीरांगना कन्या संस्था एवं संस्कार केंद्र के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में कलश यात्रा के साथ शुरुआत हुई। कथा 31 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी।

कथा व्यास पीठ पर पूज्या सुश्री दीदी श्री विराजमान होकर श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रसंगों का श्रवण करा रही हैं। इस आयोजन के प्रेरणास्रोत गौ सेवक एवं प्राकृतिक पूजक महंत गोविंदाचार्य जी महाराज हैं। कथा के माध्यम से धर्म, संस्कार, गौ सेवा और सामाजिक एकता का संदेश दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा के बाद श्रीमद्भागवत की आरती की गई और विधिवत कथा प्रारंभ हुई। आयोजन में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सात दिवसीय कथा के माध्यम से धार्मिक चेतना जागृत करने और समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मारुति उद्योग के अध्यक्ष प्रेम जी भाटिया मुख्य अतिथि रहे, जबकि राम मंदिर प्रबंध समिति के सभापति महेश वर्मा ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में सुश्री हेमलता गांधी, नगर निगम कोटा, पार्षद यज्ञदत्त हाड़ा, पार्षद लव शर्मा, पार्षद मंगेशकर कुमावत, अरुण भार्गव तथा राम मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष हरि कुमार शर्मा शामिल रहे। अतिथियों का पुष्पहार एवं धर्मपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने आरती में भी भाग लिया।

इस अवसर पर वाल्मीकि समाज के संत रामप्रसाद जी महाराज तथा गायत्री आश्रम के अन्य संत विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री राम मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को गौ सेवा के प्रति प्रेरित करने, धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समाज में आपसी सद्भाव और समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया जा रहा है। 31 अक्टूबर तक चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को प्रतिदिन आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रसंगों का श्रवण करने का अवसर मिलेगा।

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