कोटा। राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 में मंगलवार को साहित्य, कला और राजस्थानी परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा। मेले के विजयश्री रंगमंच पर रात 8:30 बजे से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें देश के ख्यातनाम रचनाकार अपनी रचनाओं से श्रोताओं को रूबरू कराएंगे। इसके साथ ही दिन में रंगोली, मांडना और मेहंदी प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि शाम को साफा और कोटा पाग प्रतियोगिता के जरिए राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

महापौर अनुसूइया गोस्वामी ने बताया कि अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित रचनाकार सत्यनारायण सत्तन, जगदीश सोलंकी, शशिकांत यादव, अंजुम रहबर, कविता तिवारी, चेतन चर्चित, विनीत चौहान, विष्णु सक्सेना और सुंदर कटारिया काव्यपाठ करेंगे। ये कवि अपनी ओजस्वी और सरस रचनाओं से विजयश्री रंगमंच पर काव्य संध्या को खास बनाएंगे। कार्यक्रम रात 8:30 बजे से शुरू होगा।

साहित्यिक आयोजन से पहले मंगलवार दोपहर 12 बजे से नगर निगम कार्यालय परिसर में रंगोली, मांडना और मेहंदी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभागी अपनी कलात्मक क्षमता और पारंपरिक लोक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।

वहीं, शाम 7 बजे विजयश्री रंगमंच पर साफा-कोटा पाग प्रतियोगिता आयोजित होगी। यह प्रतियोगिता राजस्थानी संस्कृति की आन-बान-शान को समर्पित रहेगी। इसमें कोटा की सुप्रसिद्ध पाग और पारंपरिक साफा बांधने की कला का प्रदर्शन किया जाएगा।

राष्ट्रीय दशहरा मेला 2026 के मंगलवार के कार्यक्रमों में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ पारंपरिक कला प्रतियोगिताओं को भी स्थान दिया गया है। साहित्यिक प्रस्तुतियों और साफा-पाग की परंपरा के जरिए मेले के मंच पर साहित्य, लोक कला और राजस्थानी सांस्कृतिक विरासत की विविध झलक देखने को मिलेगी।

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