कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेले में स्थापित रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले।

कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के तहत 20 अक्टूबर को रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला मुख्य अतिथि होंगे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति धारीवाल, संदीप शर्मा और श्रीमती कल्पना देवी, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष राजेश बिरला, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर और शुभम ग्रुप के दीपक राजवंशी भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस बार मेले में 105 फीट ऊंचे रावण के दहन के साथ राजस्थानी संस्कृति, रामायण गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो और ड्रोन शो समेत कई आकर्षण देखने को मिलेंगे। मेले का आयोजन 11 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक किया जा रहा है।

महापौर अनुसूईया गोस्वामी और मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में मेले की तैयारियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मनोरंजन गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी साझा की। महापौर ने बताया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप इस वर्ष रावण का स्वरूप पूर्व की तरह तैयार किया गया है। रावण परिवार की दिशा भी वास्तु के अनुरूप रखी गई है। रावण की ऊंचाई 105 फीट है, जबकि रावण और उसके परिवार की वेशभूषा तथा दहन के दौरान होने वाली आतिशबाजी को पहले से अधिक आकर्षक स्वरूप दिया गया है।

इस वर्ष पहली बार रावण परिवार के पुतले दहन से पांच दिन पहले ही मैदान में स्थापित कर दिए गए। इन्हें देखने के लिए अब तक हजारों कोटावासी दशहरा मैदान पहुंच चुके हैं। रावण दहन से पहले दर्शकों के मनोरंजन के लिए पहली बार राजस्थानी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रसिद्ध लोक कलाकार मधु भाट प्रस्तुति देंगी। इसके लिए विजयश्री रंगमंच के पास अलग से मंच तैयार किया गया है।

विजयश्री रंगमंच पर नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत 22 अक्टूबर से होगी। इस दिन सिंधी कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक रॉकस्टार नील प्रस्तुति देंगे। 23 अक्टूबर को पर्यटन विभाग का कार्यक्रम आयोजित होगा। 24 अक्टूबर को एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकऱ देशभक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे। 25 अक्टूबर को तृप्ति शाक्य की भजन संध्या होगी, जबकि 26 अक्टूबर को कोटा के लाइक माइन्डेड ग्रुप की ओर से एक शाम पुराने गीतों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

27 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन होगा। इसमें प्रसिद्ध कवि सत्यनारायण सत्तन, जगदीश सोलंकी, शशिकांत यादव, अंजुम रहबर, कविता तिवारी, चेतन चर्चित, विनीत चौहान, विष्णु सक्सेना और सुंदर कटारिया शामिल होंगे। 28 अक्टूबर को लाफ्टर शो में प्रसिद्ध कॉमेडियन विकल्प मेहता और सिद्धार्थ सागर दर्शकों को हंसाएंगे। 29 अक्टूबर को राजस्थान कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 30 अक्टूबर को बालिका वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम भाग-1 होगा। 31 अक्टूबर को भोजपुरी कार्यक्रम में गोलू राजा और नेहा सिंह प्रस्तुति देंगे।

मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि 1 नवंबर को मोटिवेशन कार्यक्रम में सोनू शर्मा कोटा के युवाओं को प्रेरित करेंगे। इसी दिन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए कराओके सिंगिंग कार्यक्रम भी होगा। 2 नवंबर को बालक वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम भाग-2 आयोजित किया जाएगा। 3 नवंबर को पंजाबी नाइट में जस्सी गिल और बब्बल राय पंजाब की मस्ती से रूबरू करवाएंगे। 4 नवंबर को सिने संध्या में प्रसिद्ध गायक मीका सिंह अपने गीतों की प्रस्तुति देंगे। मेले का समापन 5 नवंबर को भव्य आतिशबाजी के साथ होगा।

इस बार मेले में रामायण गैलरी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। आयुक्त ओपी मेहरा ने बताया कि नगर निगम भवन की चारदीवारी के सहारे तैयार की जा रही इस गैलरी में श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राजतिलक तक के दृश्यों को भव्यता के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। डॉल्फिन पार्क से प्रवेश करते समय सड़क के मध्य में महर्षि वाल्मीकि को रामायण लिखते हुए दिखाया जाएगा। मेला परिसर के विभिन्न पोल्स पर रामायण के पात्रों से जुड़े नियो साइन लगाए गए हैं, जिनमें प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान नजर आएंगे। विभिन्न प्रवेश द्वारों और बाजारों के नाम भी रामायण के पात्रों के आधार पर रखे गए हैं।

दशहरा मैदान के वेस्ट जोन में जलपरी के साथ पहली बार म्यूजिकल फाउंटेन भी लगाया गया है। यह फाउंटेन 100 फीट चौड़ा और 40 फीट ऊंचा है। इससे निरंतर जलधारा प्रवाहित होगी और बदलती रोशनी के साथ यह दर्शकों को आकर्षित करेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से शुरू किए गए लेजर शो और ड्रोन शो का आयोजन भी इस बार किया जाएगा। लेजर शो 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक तीन दिन चलेगा। वहीं, 3 नवंबर को ड्रोन शो आयोजित होगा, जिसमें असंख्य ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर विभिन्न आकृतियां बनाएंगे।

मेले में 1 और 2 नवंबर को कुश्ती दंगल आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्यभर से आए पहलवान अपने दांव-पेच और दमखम का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा 22 अक्टूबर को कुकिंग प्रतियोगिता, 24 अक्टूबर को मलखंभ प्रदर्शन, 27 अक्टूबर को रंगोली, मांडना, मेहंदी तथा साफा एवं पाग प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 28 अक्टूबर को बेस्ट ब्राइडल मेकअप प्रतियोगिता और 3 नवंबर को गतका प्रदर्शन होगा।

इस वर्ष पहली बार वाद्य यंत्रों पर आधारित सुर-ताल कचहरी कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी के साथ राजस्थानी शैली में गायन होगा। यह कार्यक्रम 29 अक्टूबर को विजयश्री रंगमंच पर आयोजित किया जाएगा।

मेले के कार्यक्रमों का हर वर्ष की तरह यूट्यूब पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है। इस बार नवाचार के तहत मेले की वेबसाइट भी शुरू की गई है, जहां मेले से जुड़ी प्रत्येक जानकारी और अपडेट उपलब्ध होंगे। आमजन को कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रतिदिन एसएमएस भेजे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के लिए इंफ्लूएंसर्स को भी मेले से जोड़ा गया है।

मेलार्थियों के स्वागत के लिए दशहरा मैदान में तैयारियां तेज गति से पूरी की गई हैं। परिसर के विभिन्न स्थानों पर रंग-रोगन, मैदान के सुदृढ़ीकरण, साफ-सफाई और मरम्मत के कार्य किए गए हैं। सफाई कर्मियों की सहायता से नियमित सफाई और जमीन को समतल करने का काम किया गया। परिसर की सड़कों की मरम्मत के साथ टूट-फूट को भी सुधारा गया है। मेले के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और प्रतिदिन फॉगिंग भी करवाई जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत इस वर्ष भी मेले का बीमा करवाया गया है, ताकि मेले के दौरान कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावितों को मुआवजा दिया जा सके। झूला संचालकों से भी अलग से बीमा करवाया गया है। परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ाई गई है। राजस्थान पुलिस की विशेष ड्रोन यूनिट भी ऊंचाई से मेले में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखेगी।

मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दशहरा मैदान की ओर आने वाली प्रत्येक सड़क पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। कुल आठ स्थानों पर पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं। इनमें धार का अखाड़ा के पास का स्थल, किशोरपुरा रोड पर वाहन स्टैंड, ईदगाह के सामने, आशापाला कॉलोनी के बीच का स्थल, पशु मेला फेज-2 में पुलिस कंट्रोल रूम के पास, पशु मेला फेज-2 में केडीए के सामने तथा बकरामंडी स्थल के भूखंड संख्या 1 और 2 शामिल हैं।

पार्किंग शुल्क के तहत साइकिल के लिए 5 रुपये निर्धारित किए गए हैं। मोटरसाइकिल के पहले चार घंटे के लिए 20 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के लिए 10 रुपये देने होंगे। चार पहिया वाहनों के पहले चार घंटे का शुल्क 50 रुपये तथा उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घंटे का शुल्क 20 रुपये होगा। पार्किंग संचालक की ओर से अधिक शुल्क वसूलने या दुर्व्यवहार किए जाने की स्थिति में शिकायत के लिए हेल्पलाइन भी तैयार की गई है। पार्किंग दरों और हेल्पलाइन नंबरों को प्रत्येक पार्किंग स्थल पर बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किया जाएगा।

महापौर अनुसूईया गोस्वामी ने कहा कि 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 गौरवशाली विरासत और आधुनिकता का संगम होगा। वर्तमान बोर्ड के गठन के बाद यह पहला सबसे बड़ा आयोजन है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से आयोजित मेले में जनता की आशाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्यक्रम रखे जाएंगे। साथ ही मेले में आने वाले व्यापारियों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा।


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