कोटा नहर हादसे पर मुआवजा मांगते किसान नेता मनोज दुबे।

कोटा के छावनी क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नहर में डूबने से चार युवकों की दर्दनाक मौत के बाद भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए राज्य सरकार से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होने को सरकार और जिला प्रशासन की घोर विफलता बताया है।

कोटा, 21 अक्टूबर। किसान नेता मनोज दुबे ने छावनी क्षेत्र में हुए इस हादसे को बेहद दुखद और हृदयविदारक बताया। उन्होंने कहा कि चार युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों को गहरा आघात पहुंचा है। इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों को संबल देने के लिए उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की और राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता एवं सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की।

मनोज दुबे ने धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की बताते हुए प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होना सरकार एवं जिला प्रशासन की घोर विफलता है।

उन्होंने मांग की कि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। इसके साथ ही नहरों और जलाशयों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निगरानी और बचाव के जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

मनोज दुबे ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि विसर्जन के समय होने वाले हादसों पर अंकुश लगाया जा सके। कोटा के छावनी क्षेत्र में चार युवकों की मौत के बाद उनकी मांगों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने के साथ विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना प्रमुख रहा।

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