कोटा में वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ प्रदर्शन करते एनएसयूआई कार्यकर्ता।

वोट चोरी के आरोपों को लेकर कोटा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को राजकीय कला महाविद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के दशानन रूपी पुतले का दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

एनएसयूआई कोटा शहर जिलाध्यक्ष मोहित वाल्मीकि और देहात अध्यक्ष रिद्धम शर्मा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘मोदी-शाह की तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘NSUI जिंदाबाद’ और ‘नरेंद्र मोदी वोट चोर है’ जैसे नारे लगाए। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नारेबाजी की गई और उनके इस्तीफे की मांग दोहराई गई।

कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के आरोपों का निष्पक्ष समाधान करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव और मताधिकार की विश्वसनीयता सर्वोपरि है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध जारी रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करने का संकल्प भी जताया।

प्रदर्शन में एनएसयूआई मीडिया प्रभारी दिव्यांश सोनी, प्रिंस वैष्णव, अमन मेघवाल, अफजल खान, आशीष वर्मा, कावेरी वाल्मीकि, नीरज वैष्णव, शाकिब पठान, सूरज शक्यवाल, अनिल गुर्जर, नानजेश, सुनील, रोहित मेघवाल, राहुल शर्मा और अल्तमस सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। कोटा में हुए इस प्रदर्शन के जरिए एनएसयूआई ने चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई।

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