कोटा दशहरा मेले में आज 105 फीट के रावण का दहन, मीका सिंह और जस्सी गिल भी करेंगे प्रस्तुति
कोटा के 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में 20 अक्टूबर को 105 फीट के रावण का दहन होगा। मधु भाट की प्रस्तुति, रामायण गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन, ड्रोन शो और मीका सिंह की सिने संध्या समेत कार्यक्रमों की पूरी जानकारी जानें।
तस्वीर में महापौर अनुसुईया गोस्वामी और मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 की तैयारियों की जानकारी देते हुए।
कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 के तहत मंगलवार, 20 अक्टूबर को 105 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला मुख्य अतिथि होंगे। रावण दहन से पहले दशहरा मैदान में पहली बार राजस्थानी संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध लोक कलाकार मधु भाट प्रस्तुति देंगी। मेले में रावण परिवार के पुतलों की विशेष सज्जा, रामायण गैलरी, म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो और ड्रोन शो सहित कई आकर्षण तैयार किए गए हैं। मेले का आयोजन 11 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक किया जा रहा है।
महापौर अनुसुईया गोस्वामी और मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में मेले की तैयारियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। महापौर ने बताया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप इस वर्ष रावण को पूर्व के स्वरूप में तैयार किया गया है। रावण परिवार की दिशा वास्तु के अनुरूप रखी गई है। रावण की ऊंचाई 105 फीट है, जबकि रावण और उसके परिवार के पुतलों की वेशभूषा तथा दहन के दौरान होने वाली आतिशबाजी को पहले से अधिक आकर्षक स्वरूप दिया गया है।
इस वर्ष पहली बार रावण परिवार के पुतले दहन से पांच दिन पहले ही दशहरा मैदान में स्थापित कर दिए गए। इन्हें देखने के लिए अब तक हजारों कोटावासी मैदान पहुंच चुके हैं। रावण दहन से पहले उपस्थित लोगों के मनोरंजन के लिए राजस्थानी संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम रखा गया है। प्रसिद्ध कलाकार मधु भाट की प्रस्तुति के लिए विजयश्री रंगमंच के पास अलग से मंच तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति धारीवाल, संदीप शर्मा और श्रीमती कल्पना देवी, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष राजेश बिरला, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर तथा शुभम ग्रुप के दीपक राजवंशी भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
विजयश्री रंगमंच पर 22 अक्टूबर से नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। 22 अक्टूबर को सिंधी कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक रॉकस्टार नील प्रस्तुति देंगे। 23 अक्टूबर को पर्यटन विभाग का कार्यक्रम आयोजित होगा। 24 अक्टूबर को एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकऱ देशभक्ति गीत प्रस्तुत करेंगे। 25 अक्टूबर को तृप्ति शाक्य की भजन संध्या होगी। 26 अक्टूबर को कोटा के लाइक माइन्डेड ग्रुप की ओर से एक शाम पुराने गीतों के नाम कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन 27 अक्टूबर को होगा। इसमें प्रसिद्ध कवि सत्यनारायण सत्तन, जगदीश सोलंकी, शशिकांत यादव, अंजुम रहबर, कविता तिवारी, चेतन चर्चित, विनीत चौहान, विष्णु सक्सेना और सुंदर कटारिया शामिल होंगे। 28 अक्टूबर को लाफ्टर शो में कॉमेडियन विकल्प मेहता और सिद्धार्थ सागर दर्शकों को हंसाएंगे। 29 अक्टूबर को राजस्थान कवि सम्मेलन आयोजित होगा।
30 अक्टूबर को बालिका वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम भाग-1 होगा। 31 अक्टूबर को भोजपुरी कार्यक्रम में गोलू राजा और नेहा सिंह प्रस्तुति देंगे। एक नवंबर को मोटिवेशन कार्यक्रम में सोनू शर्मा कोटा के युवाओं को प्रेरित करेंगे। इसी दिन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए कराओके सिंगिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। दो नवंबर को बालक वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम भाग-2 होगा। तीन नवंबर को पंजाबी नाइट में जस्सी गिल और बब्बल राय प्रस्तुति देंगे। चार नवंबर को सिने संध्या में प्रसिद्ध गायक मीका सिंह के गीत सुनने को मिलेंगे। मेले का समापन पांच नवंबर को भव्य आतिशबाजी के साथ होगा।
मेला अधिकारी ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि इस वर्ष मेले में रामायण गैलरी भी तैयार करवाई जा रही है। नगर निगम भवन की चारदीवारी के सहारे बनाई जा रही इस गैलरी में श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राजतिलक तक के दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे। डॉल्फिन पार्क से प्रवेश करते समय सड़क के मध्य में महर्षि वाल्मीकि को रामायण लिखते हुए दर्शाया जाएगा। मेला परिसर के विभिन्न पोल पर रामायण के पात्रों से जुड़े नियो साइन लगाए गए हैं, जिनमें प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान दिखाई देंगे। विभिन्न प्रवेश द्वारों और बाजारों के नाम भी रामायण के पात्रों के आधार पर रखे गए हैं।
दशहरा मैदान के पश्चिमी क्षेत्र में जलपरी के आकर्षण के साथ पहली बार म्यूजिकल फाउंटेन भी लगाया गया है। इसकी चौड़ाई 100 फीट और ऊंचाई 40 फीट है। इससे निरंतर जलधारा प्रवाहित होगी और बदलती रोशनी के साथ यह दर्शकों को आकर्षित करेगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से शुरू किए गए लेजर शो और ड्रोन शो का आयोजन भी इस वर्ष किया जाएगा। लेजर शो 30 अक्टूबर से एक नवंबर तक तीन दिन चलेगा। तीन नवंबर को ड्रोन शो आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में ड्रोन एक साथ उड़ान भरकर विभिन्न आकृतियां बनाएंगे।
मेले में इस वर्ष भी कुश्ती दंगल आयोजित किया जाएगा। एक और दो नवंबर को होने वाले इस आयोजन में राज्यभर से आए पहलवान दांव-पेंच आजमाएंगे। इसके अतिरिक्त 22 अक्टूबर को कुकिंग प्रतियोगिता, 24 अक्टूबर को मलखंभ प्रदर्शन, 27 अक्टूबर को रंगोली, मांडना, मेहंदी तथा साफा एवं पाग प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 28 अक्टूबर को बेस्ट ब्राइडल मेकअप प्रतियोगिता और तीन नवंबर को गतका प्रदर्शन होगा।
इस वर्ष पहली बार वाद्य यंत्रों पर आधारित सुर-ताल कचहरी कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। 29 अक्टूबर को विजयश्री रंगमंच पर होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी के साथ राजस्थानी शैली में गायन प्रस्तुत किया जाएगा।
मेले के कार्यक्रमों का हर वर्ष की तरह यूट्यूब पर सीधा प्रसारण किया जा रहा है। इस बार मेले की वेबसाइट भी शुरू की गई है, जिस पर आयोजन से जुड़ी जानकारी और अपडेट उपलब्ध होंगे। आमजन को कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रतिदिन एसएमएस भेजे जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए इन्फ्लुएंसर्स को भी मेले से जोड़ा गया है।
मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए मैदान में रंग-रोगन, सुदृढ़ीकरण, साफ-सफाई और मरम्मत के काम किए गए हैं। सफाईकर्मियों की तैनाती के साथ नियमित सफाई और भूमि को समतल करने का काम किया गया है। परिसर की सड़कों की मरम्मत और टूट-फूट को ठीक किया गया है। मेले के दौरान सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और प्रतिदिन फॉगिंग भी करवाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत इस वर्ष भी मेले का बीमा करवाया गया है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जा सके। झूला संचालकों से भी अलग से बीमा करवाया गया है। परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ाई गई है। राजस्थान पुलिस की विशेष ड्रोन यूनिट ऊंचाई से मेले की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
मेले में आने वाले लोगों के वाहनों के लिए आठ स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें धार का अखाड़ा के पास का स्थल, किशोरपुरा रोड पर वाहन स्टैंड, ईदगाह के सामने, आशापाला कॉलोनी के बीच का स्थल, पशु मेला फेज-2 में पुलिस कंट्रोल रूम के पास, पशु मेला फेज-2 में केडीए के सामने तथा बकरामंडी स्थल के भूखंड संख्या एक और दो शामिल हैं।
पार्किंग शुल्क के अनुसार साइकिल खड़ी करने के लिए पांच रुपये देने होंगे। मोटरसाइकिल के पहले चार घंटे का शुल्क 20 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घंटे का शुल्क 10 रुपये होगा। चार पहिया वाहनों के पहले चार घंटे के लिए 50 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घंटे के लिए 20 रुपये देने होंगे। पार्किंग संचालकों की ओर से अधिक शुल्क वसूलने या दुर्व्यवहार किए जाने की स्थिति में शिकायत के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था भी की गई है। पार्किंग शुल्क और हेल्पलाइन नंबर प्रत्येक पार्किंग स्थल पर बड़े अक्षरों में प्रदर्शित किए जाएंगे।
महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने कहा कि वर्तमान बोर्ड के गठन के बाद 133वां राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 सबसे बड़ा आयोजन है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से आयोजित यह मेला गौरवशाली विरासत और आधुनिकता का संगम होगा। उन्होंने बताया कि मेले में जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तथा यहां आने वाले व्यापारियों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। पांच नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजन कार्यक्रमों, पारंपरिक प्रतियोगिताओं और आधुनिक तकनीक आधारित आकर्षणों के साथ आगंतुकों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।