शिवाला के मोक्षधाम में जनसहयोग से हुआ कायाकल्प, बनी 'स्वर्ग वाटिका'
ग्राम संसद अध्यक्ष के नेतृत्व में ग्रामीणों ने रंगाई-पुताई व पौधारोपण कर मोक्षधाम को स्वच्छ बनाया और 36 कुर्सियां समर्पित कीं।
तस्वीर में ग्राम पंचायत शिवाला के मोक्षधाम परिसर में नई रंग-बिरंगी कुर्सियां लगी दिखाई दे रही हैं।
शिवाला। ग्राम पंचायत शिवाला के मोक्षधाम परिसर की तस्वीर जनसहयोग से किए गए समतलीकरण, साफ-सफाई, पोताई, रंगाई-पुताई और पौधारोपण के कार्यों से बदल गई है। परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और जीवन-मृत्यु से जुड़े प्रेरक स्लोगन भी लिखवाए गए हैं। मोक्षधाम में ‘स्वर्ग वाटिका’ नाम से उद्यान भी बनाया गया है।
ग्राम संसद शिवाला के अध्यक्ष सुबह सिंह सैमाड़ा के नेतृत्व एवं सहयोग से मोक्षधाम परिसर में समतलीकरण तथा पोताई-रंगाई का कार्य करवाया गया। परिसर की दीवारों एवं स्तंभों पर “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ”, “जल है तो कल है”, “प्रदूषण हटाओ, पर्यावरण बचाओ” सहित विभिन्न जनजागरूकता संदेश लिखवाए गए हैं। मोक्षधाम के प्रवेश द्वार को भी आकर्षक रूप दिया गया है।
मोक्षधाम परिसर में आने वाले ग्रामीणों और अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए 36 कुर्सियों का सहयोग भी किया गया। कुर्सियों के लिए गांव के कर्मचारियों, ग्रामीणों, युवा साथियों सहित समाज के लोगों ने मिलकर सहयोग किया। कुर्सियों पर भी पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश लिखे गए हैं।
परिसर में पौधारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधे लगाए गए हैं। पहले से मौजूद पेड़ों के साथ नए पौधों की देखभाल पर भी युवा टीम जोर दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मोक्षधाम केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का केंद्र भी बनना चाहिए। इसी उद्देश्य से मोक्षधाम में ‘स्वर्ग वाटिका’ नाम से उद्यान बनाया गया है।
ग्राम संसद शिवाला के अध्यक्ष सुबह सिंह सैमाड़ा ने कहा कि मोक्षधाम को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने का कार्य किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे गांव और समाज के सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि आगे भी आवश्यकता के अनुसार यहां सुविधाओं का विस्तार करने तथा परिसर को हरा-भरा बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
इस अभियान में 36 कुर्सियां लगवाने में सर्व समाज का सहयोग रहा। जनसहयोग से किए गए इन कार्यों के बाद मोक्षधाम परिसर में सुविधाओं के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिखाई देने लगा है।