गंगापुर सिटी: अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल का स्वागत
पुरानी अनाज मंडी में आयोजित संगोष्ठी में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महाराजा अग्रसेन के एक ईंट और एक रुपये के सिद्धांत पर चलने और एकजुटता का आह्वान किया।
गंगापुर सिटी में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के बैनर तले कार्यक्रम में उपस्थित लोग।
गंगापुर सिटी में अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुलभूषण जी मित्तल के आगमन पर अग्रवाल बंधुओं ने सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को पुरानी अनाज मंडी स्थित फूड कोस्टा में स्वागत-अभिनंदन किया। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनका माला, साफा एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
अग्रवाल समाज के वरिष्ठ सदस्य घनश्याम बजाज एवं महेश गुप्ता सर्वेयर ने बताया कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुलभूषण जी मित्तल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. संगीत जी गर्ग, जिलाध्यक्ष श्री सत्येंद्र जी सिंघल तथा महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती खुशबू गर्ग का माला, साफा एवं दुपट्टा से भव्य स्वागत किया गया।
व्यापार मंडल अध्यक्ष गोविंद प्रसाद गुप्ता और राधा मोहन गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुलभूषण जी मित्तल के साथ संगोष्ठी भी आयोजित की गई। संगोष्ठी में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट रहना है। हमारे महाराजा श्री अग्रसेन जी के सिद्धांतों का एक ईंट एवं 1 रुपया तथा परिवारवाद का पालन करना है।
कार्यक्रम का मंच संचालन गोपाल बैराड़ा ने किया।
कार्यक्रम में विजय कुमार गुप्ता पार्षद, महेश गुप्ता सर्वेयर, संगीत गर्ग, सत्येंद्र कुमार सिंघल, खुशबू गर्ग, घनश्याम बजाज, राधा मोहन गोयल, लक्ष्मी नारायण प्रॉपर्टी, गोपाल बैराड़ा, मंगती प्रसाद, राम अवतार ढोला, प्रेमचंद तलावड़ा, राकेश गर्ग, महेश पत्तल दोना, पवन गोयल ठेकेदार, कैलाश बीएसएनएल, श्याम अध्यापक, इंदरलाल गुप्ता एडवोकेट, घनश्याम सेवा, गोपाल मित्तल पार्षद, मुकेश गुप्ता, सुरेश अग्रवाल कोचिंग, शंभू इनायती, कैलाश महस्वा, अरविंद गोयल, वेद प्रकाश मंगल, महेश पट्टी वाले, गंगासहाय एडवोकेट, गोविंद प्रसाद व्यापार मंडल अध्यक्ष, राजेश ठेकेदार, कुलदीप गर्ग, प्रियंका गुप्ता, देवल अग्रवाल, प्रिंसिपल बाबूलाल गुप्ता आदि अग्रवाल बंधु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुलभूषण जी मित्तल के संदेश के साथ अग्रवाल समाज की एकजुटता और महाराजा श्री अग्रसेन जी के सिद्धांतों के पालन पर जोर दिया गया।