डूंगरपुर में नौकरी के नाम पर 28.90 लाख की ठगी, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
मलेशिया में वर्क परमिट का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा थमाने और फर्जी टिकट देने के आरोप में ट्रैवल एजेंसी संचालक गिरफ्तार।
डूंगरपुर में नौकरी के नाम पर 28.90 लाख ठगने के आरोपी ट्रैवल एजेंट को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
डूंगरपुर में विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी कमाई का लालच देकर चार बेरोजगार युवकों से 28 लाख 90 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। डूंगरपुर कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में ट्रैवल एजेंसी संचालक हीरालाल पटेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर युवकों को वर्क परमिट दिलाने का भरोसा देकर मलेशिया भेजने और वर्क वीजा के बजाय विजिट वीजा या टूरिस्ट पास थमाने का आरोप है।
मलेशिया पहुंचने पर चारों युवकों की मुश्किलें तब बढ़ गईं, जब एयरपोर्ट पर दस्तावेजों की जांच के दौरान उनकी होटल बुकिंग और वापसी के टिकट फर्जी पाए गए। इसके बाद मलेशिया सरकार ने चारों के पासपोर्ट पर सील लगाकर उन्हें अहमदाबाद वापस भेज दिया। भारत लौटने के बाद जब युवकों ने आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है।
कोतवाली थाने के एसआई रमेश चंद्र के अनुसार, इस संबंध में घडमाला निवासी निखिल पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। निखिल ने बताया कि करीब एक साल पहले वह अपने साथियों के साथ कलेक्ट्रेट गया था। इस दौरान कलेक्ट्रेट के पास स्थित 'डीआरजी एसोसिएट टूर एण्ड ट्रेवलर्स' के कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ देखकर उसने जानकारी ली। कार्यालय संचालक हीरालाल पटेल ने निखिल और उसके साथी शिवा रावल, अनिल पटेल तथा दीपक व्यास को विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी कमाई दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि हीरालाल पटेल ने चारों युवकों को विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 28 लाख 90 हजार रुपए वसूल किए। इसके बाद वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर चारों को अहमदाबाद एयरपोर्ट बुलाया। आरोपी ने उन्हें मलेशिया का वीजा, होटल बुकिंग और वापसी का टिकट देकर विदेश रवाना कर दिया।
मलेशिया एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की तो होटल बुकिंग और वापसी के टिकट फर्जी पाए गए। इसके बाद वहां की सरकार ने चारों युवकों के पासपोर्ट पर सील लगाई और उन्हें अहमदाबाद वापस भेज दिया। इस तरह विदेश में नौकरी पाने की उम्मीद लेकर गए चारों युवकों को बिना नौकरी मिले ही लौटना पड़ा।
युवकों के वापस आने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान आरोपी के डूंगरपुर शहर में आने की सूचना मिली, जिसके आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को विदेश में नौकरी और वर्क वीजा दिलाने का झांसा देता था, लेकिन उन्हें वास्तविक वर्क वीजा के बजाय विजिट वीजा या टूरिस्ट पास पर विदेश भेजता था। वहां पहुंचने पर युवकों को नौकरी नहीं मिलती थी और फर्जी दस्तावेजों के चलते एयरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ता था। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूरे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है।