डूंगरपुर में 500-500 रुपए के नकली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रामसागड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली नोटों की सप्लाई करने आए दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4 लाख 95 हजार 500 रुपए के नकली नोट, एक लैपटॉप और कलर प्रिंटर बरामद किया है। पुलिस ने लग्जरी कार और स्कूटी भी जब्त की है। मामले में एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।

एसपी मनीष कुमार ने बताया कि रामसागड़ा थाना क्षेत्र के माड़ा स्कूल मैदान में एक कार के अंदर कुछ लोगों की ओर से नकली नोटों के लेनदेन की सूचना मिली थी। सूचना पर रामसगाड़ा थानाधिकारी कैलाश पंचारिया पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रात के अंधेरे में मैदान में एक लग्जरी कार और उसके पास स्कूटी खड़ी थी। कार के अंदर कुछ लोग बैठे थे। पुलिस टीम गोपनीय तरीके से उनके पास पहुंची और दबिश दी। इस दौरान ड्राइवर सीट की तरफ बैठा युवक अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जबकि साइड और पीछे बैठे दोनों युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया।

कार की सीटों पर 500-500 रुपए के नोटों के बंडल पड़े थे। पुलिस ने नोटों के बारे में पूछताछ की तो दोनों युवक घबरा गए। जांच में कार से मिले 500-500 रुपए के नोट नकली पाए गए। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम भावेश खटीक (23), निवासी विजयगंज कॉलोनी डूंगरपुर और नयन जोशी (19), निवासी नालंदा बैंगलोज डूंगरपुर बताए। पुलिस ने नकली नोट जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। लग्जरी कार और स्कूटी भी जब्त कर ली गई।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 8 से 10 दिन पहले ही नकली नोट छापने का काम शुरू किया था। पुलिस को एक लैपटॉप मिला, जिससे ऐप के जरिए 500 रुपए के हूबहू नकली नोट का डिजाइन तैयार किया गया। इसके बाद कलर प्रिंटर से 500 रुपए के कुल 4 लाख 95 हजार 500 रुपए के नकली नोट छापे गए। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें नकली नोट छापने का आइडिया सोशल मीडिया के जरिए मिला था।

पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश का एक व्यक्ति आरोपियों को नोट छापने के लिए कागज उपलब्ध करवाता था। यह कागज नोट की तरह हूबहू था और उसमें बीच में चमकीला तार भी लगा हुआ था। ऐसे में किसी आम व्यक्ति के लिए इन नोटों की पहचान करना मुश्किल था। पुलिस अब उत्तर प्रदेश के उस आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि मामले में आगे का खुलासा हो सके।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे नकली नोट देने आए थे। पुलिस ने मौके से फरार हुए आरोपी के बारे में भी जानकारी जुटाई और उसे पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन उसका पता नहीं लगा। जब्त की गई लग्जरी कार भी आरोपी की बताई गई है, जबकि स्कूटी नकली नोटों की सप्लाई करने आए दोनों आरोपी लेकर आए थे।

पुलिस ने नकली नोट सप्लाई करने वाले नयन जोशी को भी गिरफ्तार किया है। नयन के माता-पिता और परिवार के अन्य लोग चारधाम यात्रा पर गए हुए हैं। बेटे के नकली नोटों की सप्लाई में पकड़े जाने की सूचना मिलने पर वे यात्रा छोड़कर वापस घर के लिए निकल गए हैं, हालांकि उनके आने में अभी समय लगेगा।

पुलिस भावेश और नयन से कई सवालों को लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों सप्लायर नकली नोट कहां से लेकर आए या खुद ही नकली नोट छाप रहे थे, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकली नोटों का कारोबार कितने समय से चल रहा था और अब तक कितने रुपए के नकली नोट बाजार में चलाए जा चुके हैं। इसके अलावा फरार आरोपी के पकड़े जाने के बाद यह पता लगाने के लिए पूछताछ की जाएगी कि नकली नोटों को कहां खपाया जाता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मौज-शौक के साथ कम समय में लखपति बनने के शॉर्टकट के तौर पर नकली नोट छापने का काम शुरू किया था। हालांकि, नकली नोट तैयार करने के बाद उन्हें पहली बार बाजार में चलाने से पहले ही दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। मामले में फरार आरोपी और उत्तर प्रदेश से कागज सप्लाई करने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद नकली नोटों के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है।

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