डूंगरपुर में महाष्टमी पर पारंपरिक परिधानों में गरबा खेलते लोग।

डूंगरपुर शहर में महाष्टमी की रात गुजराती गरबा की धुनों और डांडिया की खनक के बीच नवरात्र का उल्लास देर रात तक छाया रहा। रोशनी से सजे पांडालों में युवक-युवतियां पारंपरिक परिधानों में पहुंचे और संगीत की ताल पर गरबा खेलते रहे। उत्साह का आलम यह रहा कि शास्त्री कॉलोनी में सोमवार सुबह 7 बजे तक डांडिया का आयोजन चलता रहा। रातभर नृत्य करने के बाद भी दिन निकलने पर लोग गरबा खेलते नजर आए।

महाष्टमी की शाम होते ही शहर के गरबा पांडालों में रौनक बढ़ने लगी। महाआरती के साथ आयोजनों की शुरुआत हुई। इसके बाद डीजे और वाद्य यंत्रों पर गुजराती गरबा की धुनें गूंजने लगीं। संगीत के साथ डांडिया की खनक ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। महिलाएं लहंगा-चोली में, जबकि पुरुष कुर्ते और अन्य पारंपरिक परिधानों में गरबा खेलने पहुंचे। कहीं युवक-युवतियां एकल नृत्य करते दिखाई दिए, तो कहीं गोल घेरा बनाकर समूह में डांडिया खेला गया।

शहर के शास्त्री कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड, न्यू कॉलोनी, पत्रकार कॉलोनी, कंसारा चौक और सोनिया चौक सहित विभिन्न गरबा पांडालों में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। आकर्षक रोशनी, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान और गुजराती संगीत के बीच नवरात्र का उत्साह देखते ही बना। पांडालों में डांडिया की ताल पर थिरकते कदमों के साथ गरबा गीतों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।

शास्त्री कॉलोनी के गरबा पांडाल में महाष्टमी पर विशेष रौनक रही। यहां रातभर युवक-युवतियां डांडिया खेलते रहे। रात में शुरू हुआ गरबा सोमवार सुबह 7 बजे तक जारी रहा। सुबह दिन निकलने के बाद भी लोग पांडाल में नृत्य करते नजर आए। महाष्टमी की रात यहां गरबा का उत्साह चरम पर रहा और आयोजन सुबह तक चलता रहा।

इधर, नवरात्रि के अंतिम दिनों में अष्टमी और नवमी पर धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां भी जारी रहीं। गरबा और डांडिया के आयोजनों के साथ पूजा-पाठ सहित अन्य कार्यक्रमों के चलते डूंगरपुर शहर में नवरात्र का उत्सवी माहौल बना हुआ है।

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