राजस्थान के डीग स्थित सेवल मंदिर परिसर में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान एकत्र हुए श्रद्धालुओं का समूह।

डीग, 28 अक्टूबर। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान राजस्थान के डीग स्थित सेवल मंदिर सीकरी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। राजस्थान के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 250 श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए। भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन के साथ मंदिर की पवित्र पहाड़ियों की परिक्रमा की। इस दौरान पारंपरिक खेलों का आयोजन भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जयपुर, बाड़मेर, उदयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सेवल मंदिर का शांत वातावरण लोगों को आकर्षित कर रहा है। मंदिर के जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने बताया कि प्रमुख ब्रज तीर्थस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से काफी भीड़ रहती है। ऐसे में आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वाले लोग ब्रज के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। सेवल मंदिर की धार्मिक महत्ता, प्राकृतिक वातावरण और पवित्र पहाड़ियां देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं।

जमुना जीवन कृष्ण दास जी के अनुसार, ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा आयोजित कराने वाले कई यात्रा आयोजकों और श्रद्धालुओं ने सेवल मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल करने के लिए संपर्क किया है। इसके चलते इस बार कार्तिक मास में ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के अंतर्गत करीब 5 हजार श्रद्धालुओं के सेवल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इनमें राजस्थान के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु शामिल होंगे।

सेवल मंदिर में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए जमुना जीवन कृष्ण दास जी ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। बास बुर्जा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कट बनने से जयपुर, गुड़गांव और दिल्ली से लाखों लोग आसानी से सेवल पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि कनेक्टिविटी बेहतर होने पर कार्तिक मास में 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे सेवल मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के साथ स्थानीय पर्यटन और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

जयपुर से यात्रा में पहुंचे नोकिया कंपनी के रिसर्च विंग के इंडिया हेड श्री बालाभूषण भी सेवल मंदिर के वातावरण से प्रभावित हुए। उन्होंने मंदिर की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण, कीर्तन और पहाड़ियों की परिक्रमा के दौरान विशेष आध्यात्मिक सुकून का अनुभव किया। यात्रा पूरी होने के बाद भी उनका मन वहां से जाने का नहीं हुआ और वे कुछ समय और सेवल मंदिर में ही रुक गए। उनका अनुभव दर्शाता है कि यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ मानसिक शांति और आध्यात्मिक आनंद की तलाश करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर रहा है।

सेवल मंदिर ब्रज चौरासी कोस के काम्यवन से जुड़ा प्राचीन तीर्थस्थल है। यह स्थान साधु-संतों की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है। स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण यहां गोचारण के लिए आते थे। मंदिर की पवित्र पहाड़ियां, प्राकृतिक परिवेश और आध्यात्मिक परंपराएं इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में सेवल मंदिर को शामिल किए जाने से क्षेत्र की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने की उम्मीद है। कार्तिक मास में देशभर से श्रद्धालुओं के आगमन की संभावनाओं के बीच यहां धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और सेवल मंदिर के ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों के साथ पर्यटन मानचित्र पर उभरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और बढ़ती श्रद्धालु संख्या से यह प्राचीन तीर्थस्थल धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है।

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