डीग के लक्ष्मण मंदिर चौक पर आयोजित श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के दौरान भगवान के स्वरूपों की आरती एवं पूजन में भाग लेते समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु।

डीग में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बधाई लीला, पूतना वध और श्याम सगाई के मंचन के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। श्री बृज लठावन धाम स्थानीय रामलीला महोत्सव समिति, डीग के तत्वावधान में आयोजित श्रीकृष्ण लीला एवं भक्त चरित्रामृत लीला महोत्सव के दूसरे दिन मुख्य बाजार स्थित लक्ष्मण मंदिर चौक पर विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया।

कार्यक्रम में पद्मश्री विभूषित स्वामी श्री रामस्वरूप शर्मा के सुपुत्र स्वामी श्री हरिबल्लभ जी शर्मा, छोटे ठाकुर, श्री श्यामा श्याम लीला संस्थान, श्रीधाम वृंदावन द्वारा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बधाई, पूतना वध और श्याम सगाई लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने लीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा और ब्रज में उत्सव के उल्लास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

लीला के दौरान महाराज कंस के अत्याचारों का चित्रण किया गया। मंचन में दिखाया गया कि कंस अपने पिता को कारागार में बंद कर सत्ता पर अधिकार कर लेता है। इसके बाद वह अपनी बहन देवकी और उनके पति वासुदेव को भी जेल में बंद कर देता है। आकाशवाणी में देवकी के आठवें पुत्र के हाथों अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी सुनने के बाद कंस भयभीत हो जाता है और देवकी के आठवें पुत्र के जन्म की प्रतीक्षा करने लगता है। इस प्रसंग के माध्यम से दर्शकों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा से परिचित कराया गया।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की मनमोहक लीला के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से मंचन का आनंद लिया। कार्यक्रम में धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्त चरित्रों के माध्यम से धर्म, संस्कृति एवं भक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण लीला के मंचन को भक्ति, आस्था और भारतीय संस्कृति का संगम बताते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में धर्म और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं जीवन में प्रेम, सद्भाव, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर बाबा शिवराम दास जी महाराज, समिति के मुख्य संरक्षक एवं लक्ष्मण मंदिर के महंत पंडित मुरारी लाल पाराशर, प्रकाश पाराशर, गौरी शंकर पाराशर, नागेन्द्र इन्दोलिया, सभासद गौरव सोनी, सभासद प्रतिनिधि राहुल बजाज, क्षेत्र पाल सिंह फौजदार, अमित जैन, खेमचंद कोली, जगदीश टकसालिया, रघुवीर गुर्जर, दाऊ दयाल नसवारिया, सतीश तमोलिया, इन्द्रमोहन शर्मा, बबली शर्मा, पंकज सौखिया, खगेन्द्र खग्गू, लोकी शर्मा, पंकज पाराशर, काव्य पाराशर, मोहित पाराशर, रवि बौहरे, मनोज बीडी वाले, कवि मनोज पाराशर मनु और सुनिल पाराशर मौजूद थे।

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