बड़ी सादड़ी: निकुंभ में धूमधाम से मनाई गई वामन जयंती, हुआ महाआरती का आयोजन
निकुंभ स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में वामन अवतार कथा का वाचन कर महाआरती की गई और भक्तों ने भगवान को पालना झुलाया।
मंदिर में सुसज्जित मूर्ति के सामने पूजा-अर्चना करते मुख्य पुजारी सुरेश दास वैष्णव।
बड़ी सादड़ी। निकुंभ कस्बे के श्री लक्ष्मी नारायण भगवान मंदिर पर वामन जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य पुजारी सुरेश दास वैष्णव ने प्रातःकाल भगवान लक्ष्मी नारायण को नया वागा पोशाक धारण करवाकर वामन अवतार के रूप में मूर्ति को सुसज्जित किया।
श्रद्धालु भक्तों की उपस्थिति में मुख्य पुजारी सुरेश दास वैष्णव ने वामन अवतार से जुड़ी अंतर्कथा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को यह पर्व वामन जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि से तीन पग भूमि का दान मांगकर संसार में धर्म और सत्य की स्थापना की। यह पर्व हमें राजा बलि की तरह अहंकार त्यागकर ईश्वर के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा प्रदान करता है।
वामन जयंती के अवसर पर भजन गायकों ने भगवान विष्णु की अनंत लीलाओं एवं महिमा का गुणगान करते हुए सुंदर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। दोपहर 12:15 बजे पूजा, अर्चना और महाआरती का आयोजन किया गया।
भगवान की बाल-लीला से युक्त विग्रह रूप को पालने में झूला देकर श्रद्धालु भक्तों ने मानव जीवन में यथासंभव सत्य, धर्म एवं विनम्रता धारण करने के पश्चात अहंकार त्याग की भावना प्राप्ति के लिए भगवान से प्रार्थना की। श्रद्धालु भक्तों का स्वागत प्रहलाद सुथार ने किया। आभार अध्यक्ष बंशी लाल लोहार ने जताया।