बनास का पानी कपासन के तालाबों तक पहुंचाने वाले ‘अनाम नायक’ को मिलेगा सम्मान
बनास का पानी कपासन के तालाबों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले रामचंद्र जाट को राज्य और जिला स्तर पर सम्मान की अनुशंसा।
तस्वीर में रामचंद्र जाट दिखाई दे रहे हैं, जो कपासन विधानसभा क्षेत्र के जल संरक्षण कार्य से जुड़े हैं।
चित्तौड़गढ़ के भूपालसागर क्षेत्र में पिछले साल बनास नदी का पानी तालाबों तक पहुंचाने के प्रयास में अहम भूमिका निभाने वाले ‘अनाम नायक’ को अब प्रशासनिक पहचान दिलाने की मांग जोर पकड़ रही है। कपासन विधानसभा क्षेत्र में जनहित के इस कार्य में सिंदेसर, राजसमंद निवासी रामचंद्र जाट के योगदान को विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने स्वीकार करते हुए राज्य और जिला स्तर पर सम्मान की अनुशंसा की है।
विधायक अर्जुन लाल जीनगर के प्रयासों से भूपालसागर, कपासन, धमाणा, डिंडोली, सिंहपुर और तुम्बडिया जैसे प्रमुख तालाब लबालब हुए थे। राजसमंद से कपासन के तालाबों तक पानी मोड़ने के दौरान अंतर-जिला विवाद, सिंदेसर फीडर पर स्थानीय विरोध और भौगोलिक बाधाओं का सामना करना पड़ा था।
इस दौरान सांसद सीपी जोशी, विधायक अर्जुन लाल जीनगर और पूर्व डेयरी चेयरमैन बद्रीलाल जाट ने श्रमदान किया था। वहीं, पानी के निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने के लिए सिंदेसर निवासी रामचंद्र जाट ने धरातल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्थानीय विरोध के बीच दिन-रात सिंदेसर फीडर पर निगरानी रखी और प्राकृतिक नालों पर रेत की बोरियां लगाकर पानी को कपासन की ओर मोड़ा।
विधायक अर्जुन लाल जीनगर ने रामचंद्र जाट के योगदान को स्वीकार करते हुए कहा कि दूसरे क्षेत्र का होकर भी कपासन के हित में काम करने वाले लोग विरले होते हैं। जीनगर ने बताया कि ऐसे निष्ठावान कार्यकर्ता की पत्रावली मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी, ताकि उन्हें राज्य स्तर पर उचित सम्मान मिल सके। साथ ही, उन्हें आगामी स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तर पर सम्मानित कराया जाएगा।
प्रचार-प्रसार से दूर रहकर धरातल पर काम करने वाले ऐसे सेवाभावियों को सम्मानित करने से जल संरक्षण और जनसेवा के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा। अब आगामी स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त और गणतंत्र दिवस 26 जनवरी के राजकीय समारोहों में रामचंद्र जाट को किस रूप में प्रशासनिक पहचान मिलती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।