कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय ने जिला स्तरीय नशामुक्ति प्रतियोगिताओं में रचा इतिहास
कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय ने नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत की जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में नुक्कड़ नाटक और संगीत में प्रथम स्थान पाया।
तस्वीर में श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के विजेता विद्यार्थी चित्तौड़गढ़ में आयोजित नशामुक्त युवा प्रतियोगिता के दौरान प्रमाण पत्र और ट्रॉफी दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।
चित्तौड़गढ़। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के मेरा युवा भारत के तत्वावधान में आयोजित नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत कार्यक्रम की जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नुक्कड़ नाटक एवं संगीत प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दोनों विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करने के साथ विश्वविद्यालय की टीमों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। अब दोनों टीमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चित्तौड़गढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी।
नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक करने और उनकी रचनात्मक एवं कलात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं। विश्वविद्यालय की टीम ने प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया।
नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में मीरा डांगी, गायत्री हरिजन, मनीष कुमावत, ममता वैष्णव, विष्णु जाट, आँचल सोलंकी, शीतल सालवी, प्रीति हरिजन, पवन प्रजापत एवं अन्य टीम सदस्यों ने प्रभावी अभिनय किया। प्रस्तुति के माध्यम से नशामुक्त समाज और जागरूक युवा का संदेश दिया गया।
वहीं संगीत प्रतियोगिता में काजल मेघवाल ने शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। दोनों टीमों ने प्रतियोगिता की तैयारी सहायक आचार्य आकाश टांक के निर्देशन में की। तैयारी के दौरान सहायक आचार्य मेघा मंत्री एवं कुसुम गुर्जर का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय चेयरपर्सन कैलाश चन्द्र मूंदड़ा, कुलपति प्रो. महेश दीक्षित एवं अधिष्ठाता डॉ स्मिता शर्मा ने विजेताओं को बधाई दी। विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है।
अब विश्वविद्यालय की दोनों विजेता प्रस्तुतियां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चित्तौड़गढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। टीम का लक्ष्य जिला स्तर की सफलता को राज्य स्तर पर भी दोहराते हुए जिले और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित करना है।