निकुंभ की चंदा माता पहाड़ी पर पैंथर की हलचल से दहशत, ग्रामीणों में बढ़ा डर
निकुंभ की चंदा माता पहाड़ी पर पैंथर की लगातार हलचल से ग्रामीणों में दहशत, किसानों में डर और वन विभाग की अनदेखी पर रोष।
तस्वीर में निकुंभ कस्बे की एक पहाड़ी के चट्टानी और पथरीले इलाके में पैंथर की हलचल दिखाई दे रही है।
बड़ी सादड़ी। निकुंभ कस्बे में श्री चंदा माता पहाड़ी स्थित चंद्रेश्वर महादेव मंदिर के समीप चट्टानों के बीच बनी प्राकृतिक गुफा के आसपास पिछले दो-तीन दिनों से पैंथर की हलचल दिखाई देने से नजदीकी मोहल्लेवासियों में दहशत का माहौल है। सुबह-सुबह पैंथर की चहल-कदमी देखे जाने की जानकारी सामने आने के बाद पहाड़ी के समीप बस्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों में भय बढ़ गया है।
बावड़ी दरवाजा स्थित लक्षकार मोहल्ला निवासी वरिष्ठ नागरिक तिलकराज सहलोत ने बताया कि पिछले कई दिनों से सुबह के समय पहाड़ी की प्राकृतिक गुफा के पास पैंथर की चहल-कदमी दिखाई दे रही है। इसके चलते पहाड़ी क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों में भारी दहशत है। पहाड़ी क्षेत्र के आसपास स्थित खेतों और कुओं पर जाने वाले किसान परिवार भी डर और भय के माहौल में हैं।
कई किसान परिवारों ने विगत दो-तीन माह पहले भी इसी प्रकार पैंथर की हलचल देखे जाने की पुष्टि की है। सहलोत के अनुसार, इलाके में पैंथर होने की पुख्ता जानकारी प्रशासन एवं विभाग को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
पैंथर की मौजूदगी की पुष्टि के लिए लोगों ने पहाड़ी की तलहटी स्थित नजदीकी घरों की छतों पर चढ़कर पैंथर की हलचल के वीडियो भी बनाए हैं। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने और सुरक्षा के उद्देश्य से प्रसारित किया गया है।
सहलोत ने वन विभाग पर लापरवाही और अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले को स्थानीय ग्राम प्रशासन द्वारा अनदेखा किए जाने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है।