कन्या पूजन से मजबूत होंगे नारी सम्मान के संस्कार, जिलाध्यक्ष कैलाश चंद्र मालू ने बताई अहमियत
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा विद्यार्थियों में लैंगिक समानता और नारी के प्रति आदर भाव विकसित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
चित्तौड़गढ़ के पायरों का खेड़ा विद्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति।
ड़ी सादड़ी। नारी सम्मान की नींव बचपन से ही संस्कारों के माध्यम से रखी जाती है। इसी उद्देश्य से अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, विद्यालय शिक्षा की चित्तौड़गढ़ जिला इकाई की ओर से पायरों का खेड़ा विद्यालय में कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 1 से 5 तक की बालिकाओं का तिलक लगाकर और मौली बांधकर पूजन किया गया। इसके बाद उन्हें फल और गुड़ वितरित कर नारी सम्मान का संदेश दिया गया।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ पिछले एक दशक से राजस्थान के विद्यालयों में कन्या पूजन के सात्विक एवं सकारात्मक आयोजन करता आ रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पायरों का खेड़ा विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के सम्मान के साथ विद्यार्थियों में नारी के प्रति आदर, सामाजिक समरसता और समानता की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
महासंघ के जिला अध्यक्ष कैलाश चंद्र मालू ने कहा कि नारी सम्मान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यवहार और संस्कारों से स्थापित होता है। बाल्यावस्था से ही बालक-बालिकाओं में सम्मान की भावना विकसित करने से समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बालिकाओं में आत्मगौरव और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ लैंगिक भेदभाव और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को दूर करने की दिशा में सार्थक पहल बताया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक नारायण लाल अग्रवाल ने कहा कि दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल कानून और दंड पर्याप्त नहीं हैं। बच्चों के मन में बचपन से ही नारी के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना जरूरी है। कन्या पूजन जैसे आयोजन महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की प्रेरणा देते हैं।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा एवं महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि यह अभियान विद्यार्थियों में नारी सम्मान, सामाजिक समरसता, स्वाभिमान, सुरक्षा और सात्विकता के संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से बचपन से ही सम्मान और समानता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में महासंघ के कार्यकर्ता घनश्याम सिंह राठौड़, जीवनलाल धाकड़, रमेश चोपड़ा, शंभू सिंह मीणा, यशवंत सिंह राजपूत एवं ललिता मीणा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कन्या पूजन के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में नारी के प्रति आदर, सम्मानजनक व्यवहार और सामाजिक समरसता के संस्कार विकसित करने का संदेश दिया गया।